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एक दशक बाद वाराणसी में दोहरी मुठभेड़: साल 2010 में मारा गया था डेढ़ लाख इनामी संतोष और उसका साथी
Tue, 22 Nov 2022 10:32 AM IST
शाहरुख खान
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 22 Nov 2022 10:32 AM IST
सार
वाराणसी में एक दशक बाद दोहरी मुठभेड़ हुई है। एसओजी प्रभारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने डेढ़ लाख इनामी और पूर्वांचल में आतंक का दूसरा नाम कहे जाने वाले संतोष कुमार गुप्ता उर्फ किट्टू और संतोष सिंह को चार जून 2010 को चौकाघाट इलाके में मार गिराया था।
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वाराणसी में पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ तो शहर में कई बार हुए। लेकिन हरहुआ में हुई इस मुठभेड़ ने पिछले एक दशक की पुलिसिंग की यादें ताजा कर दी। जब एसओजी प्रभारी गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने डेढ़ लाख इनामी और पूर्वांचल में आतंक का दूसरा नाम कहे जाने वाले संतोष कुमार गुप्ता उर्फ किट्टू और संतोष सिंह को चार जून 2010 को चौकाघाट इलाके में मार गिराया था।
इसके बाद इनामी तो कई मारे गए लेकिन दो बदमाश एक साथ ढेर नहीं हुए थे। एक दशक के बाद सोमवार को बनारस में दो बदमाशों का एनकाउंटर हुआ। कमिश्नरेट पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक साथ दो बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराए जाने की कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा होगा और पुलिसिया इकबाल बुलंद रहेगा।
दोनों तरफ से करीब 15 राउंड हुई फायरिंग
पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान पहली गोली बदमाशों की ओर चली। ताबड़तोड़ लगभग 15 राउंड फायरिंग हुई होगी। हरहुआ इलाका थर्रा उठा था। इस तरह की फायरिंग दस साल पूर्व किट्टू के एनकाउंटर के समय हुई थी। तब पुलिस ने चारों तरफ से बदमाशों को घेर लिया था।
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जुर्म, जरायम से वास्ता रखने वालों को उनके अंजाम तक पुलिस पहुंचा रही है। बड़े अपराधियों की बात करें तो इससे पहले 21 मार्च 2022 को यूपी एसटीएफ ने लोहता क्षेत्र में दो लाख के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू को मुठभेड़ में मार गिराया था। नरोत्तम पुर निवासी मनीष उर्फ सोनू के ऊपर 36 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
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इसके बाद इनामी तो कई मारे गए लेकिन दो बदमाश एक साथ ढेर नहीं हुए थे। एक दशक के बाद सोमवार को बनारस में दो बदमाशों का एनकाउंटर हुआ। कमिश्नरेट पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक साथ दो बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराए जाने की कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा होगा और पुलिसिया इकबाल बुलंद रहेगा।
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दोनों तरफ से करीब 15 राउंड हुई फायरिंग
पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान पहली गोली बदमाशों की ओर चली। ताबड़तोड़ लगभग 15 राउंड फायरिंग हुई होगी। हरहुआ इलाका थर्रा उठा था। इस तरह की फायरिंग दस साल पूर्व किट्टू के एनकाउंटर के समय हुई थी। तब पुलिस ने चारों तरफ से बदमाशों को घेर लिया था।
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जुर्म, जरायम से वास्ता रखने वालों को उनके अंजाम तक पुलिस पहुंचा रही है। बड़े अपराधियों की बात करें तो इससे पहले 21 मार्च 2022 को यूपी एसटीएफ ने लोहता क्षेत्र में दो लाख के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू को मुठभेड़ में मार गिराया था। नरोत्तम पुर निवासी मनीष उर्फ सोनू के ऊपर 36 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
मनीष के पास से कारबाइन और .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुआ था। इसके पहले 13 सितंबर 2021 को यूपी एसटीएफ ने चौबेपुर क्षेत्र में एक लाख इनामी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू को मार गिराया था। उस पर हत्या , लूट, रंगदारी समेत दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
इसके पहले वर्ष 2020 में 50 हजार इनामी मोनू चौहान और एक लाख इनामी रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। सन्नी सिंह का एनकाउंटर जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में किया गया था।
इसके पहले वर्ष 2020 में 50 हजार इनामी मोनू चौहान और एक लाख इनामी रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। सन्नी सिंह का एनकाउंटर जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में किया गया था।