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आजमगढ़ के महिला अस्पताल से कुत्ता ले भागा नवजात का शव, नोचकर खा गया
ब्यूरो, अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 25 Nov 2017 02:14 PM IST
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अस्पताल में बैठे शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को हुए एक बेहद शर्मनाक घटना में अस्पताल की महिला वार्ड से एक नवजात के शव को कुत्ता उठाकर ले गया। अस्पताल के अंदर नवजात को मुंह में दबाए कुत्ते को लोगों ने देखा तो हड़कंप मच गया। कुत्ते ने शव को छत पर ले जाकर नोच डाला।
शव के अवशेष को लेकर अस्पताल में दौड़ रहा था तो लोगों ने दौड़ाया और पुलिस को सूचना दी। वहीं, इस संबंध में महिला अस्पताल की सीएमएस ने कहा कि शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद जिम्मेदारी मेरी नहीं है।
चांदपट्टी रौनापार निवासी शीला यादव पत्नी महातम को गुरुवार रात में लड़की पैदा हुई थी। पैदा होने के कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव परिजनों को सौंप दिया था।
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रात में महिला जनरल वार्ड के बेड नंबर चार पर भर्ती महिला के परिजनों ने शव के बेड के नीचे रखा था। सुबह अंतिम संस्कार करना था। शुक्रवार की भोर में वार्ड में घुसा एक कुत्ता शव खींच ले गया और छत पर ले जाकर आधे शव को खा गया।
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शव के अवशेष को लेकर अस्पताल में दौड़ रहा था तो लोगों ने दौड़ाया और पुलिस को सूचना दी। वहीं, इस संबंध में महिला अस्पताल की सीएमएस ने कहा कि शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद जिम्मेदारी मेरी नहीं है।
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चांदपट्टी रौनापार निवासी शीला यादव पत्नी महातम को गुरुवार रात में लड़की पैदा हुई थी। पैदा होने के कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने शव परिजनों को सौंप दिया था।
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रात में महिला जनरल वार्ड के बेड नंबर चार पर भर्ती महिला के परिजनों ने शव के बेड के नीचे रखा था। सुबह अंतिम संस्कार करना था। शुक्रवार की भोर में वार्ड में घुसा एक कुत्ता शव खींच ले गया और छत पर ले जाकर आधे शव को खा गया।
अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से किया साफ इनकार
dog
- फोटो : demo
सुबह अवशेष मुंह में दबाकर घूमने पर लोगों ने इसे देखा तो कुत्ता झाड़ियों में छिप गया। छत से लेकर सीढ़ियों तक खून फैला हुआ था। एनआईसीयू के पास भी खून फैला था। घटना के बारे में सीएमएस डॉ. अमिता अग्रवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं मरीज को देखूं या सबकी सुरक्षा करूं।
हमने शव परिजनों को सौंप दिया था। इसलिए अस्पताल की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। इसके बाद उन्हें शव की सुरक्षा करनी चाहिए। दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि उन्होंने बच्ची के शव को बेड के पास रखा था। रात में कब आंख लग गई और कब बच्ची का शव गायब हो गया पता ही नहीं चला।
मामले में एसीएमओ वाइके राय ने कहा कि घटना काफी गंभीर है। इसकी कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। तीमारदारों की ओर से बचा खाना अस्पताल परिसर में फेंकने से ही कुत्ते यहां आते हैं। कुत्तों को अस्पताल से भगाने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
हमने शव परिजनों को सौंप दिया था। इसलिए अस्पताल की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। इसके बाद उन्हें शव की सुरक्षा करनी चाहिए। दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि उन्होंने बच्ची के शव को बेड के पास रखा था। रात में कब आंख लग गई और कब बच्ची का शव गायब हो गया पता ही नहीं चला।
मामले में एसीएमओ वाइके राय ने कहा कि घटना काफी गंभीर है। इसकी कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी। तीमारदारों की ओर से बचा खाना अस्पताल परिसर में फेंकने से ही कुत्ते यहां आते हैं। कुत्तों को अस्पताल से भगाने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
घटना के बाद भी परिसर में टहलते रहे कुत्ते
कुत्ता
- फोटो : demo
महिला अस्पताल में कहने को तो दो चौकीदार, दो होमगार्ड और एक प्राइवेट गार्ड तैनात हैं। इनकी शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन रात होते ही वो भी लंबी तान कर सो जाते हैं। अस्पताल के पास ही एलवल पुलिस चौकी है। पुलिसकर्मियों को निर्देश है कि अस्पताल में गश्त करते रहें। इनका भी पता नहीं रहता है।
जिस समय अस्पताल में घटना हुई उसके बाद भी अस्पताल में 50 से ज्यादा कुत्ते टहल रहे थे। अस्पताल में कुत्तों के घूमने की बात को सीएमएस ने भी स्वीकार किया। कहा कि कई बार इसके लिए प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला सुर्खियों में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कुत्तों को भगाना शुरू किया।
सभी कैमरे मिले खराब
मीडिया की ओर से घटना के बारे में जानकारी करने पर पहले तो सीएमएस घटना से ही इंकार कर दिया। इसके बाद उनसे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मांग की गई। इसे देखा गया तो अस्पताल के सभी छह कैमरे खराब मिले। सीएमएस भी इसे देखकर सन्न रह गईं। अब इससे अस्पताल की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिस समय अस्पताल में घटना हुई उसके बाद भी अस्पताल में 50 से ज्यादा कुत्ते टहल रहे थे। अस्पताल में कुत्तों के घूमने की बात को सीएमएस ने भी स्वीकार किया। कहा कि कई बार इसके लिए प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला सुर्खियों में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कुत्तों को भगाना शुरू किया।
सभी कैमरे मिले खराब
मीडिया की ओर से घटना के बारे में जानकारी करने पर पहले तो सीएमएस घटना से ही इंकार कर दिया। इसके बाद उनसे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मांग की गई। इसे देखा गया तो अस्पताल के सभी छह कैमरे खराब मिले। सीएमएस भी इसे देखकर सन्न रह गईं। अब इससे अस्पताल की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।