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Varanasi News: बीएचयू में अब डॉक्टर नहीं लिख सकेंगे टीबी गोल्ड जांच, निदेशक ने मांगा जवाब
Thu, 18 Apr 2024 11:47 AM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 18 Apr 2024 11:47 AM IST
सार
Varanasi News: मरीजों को टीबी गोल्ड जांच करवाने के लिए 24 सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस कारण उन्हें निजी केंद्रों की ओर जाना होता है। इस बाबत निदेशक ने बताया कि कंसल्टेंट ने स्पष्टीकरण दे दिया है।
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निदेशक हुए सख्त।
- फोटो : istock
विस्तार
बीएचयू अस्पताल में डॉक्टर अब मरीजों को टीबी गोल्ड जांच (खून से होने वाली जांच) नहीं लिख सकेंगे। एमसीएच विंग में भर्ती एक गर्भवती महिला को डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रतिबंधित किए गए इस जांच के लिखने का मामला सामने आने के बाद आईएमएस बीएचयू के निदेशक ने यह निर्देश जारी किया है।
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निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण भी लिया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की जांच न लिखने की चेतावनी भी दी है। बीएचयू एमसीएच विंग के दूसरे तल पर भर्ती महिला की पिछले रविवार को डिलिवरी हुई।
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महिला को खांसी की समस्या पर यहीं की महिला डॉक्टर ने टीबी के लक्षण बताते हुए उसे टीबी गोल्ड जांच कराने को कहा। बीएचयू में यह जांच होती ही नहीं है, ऐसे में परिजनों ने लंका स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर 2400 रुपये खर्च कर जांच करवाई।
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अमर उजाला में मंगलवार को जांच लिखा पर्चा और खबर के प्रकाशित होने के बाद आईएमएस प्रशासन सकते में आ गया। निदेशक के अनुसार जब इस मामले की उन्होंने अपने स्तर से तहकीकात करवाई तो एमसीएच विंग में ही एक कंसल्टेंट का नाम सामने आया। इसके बाद उनको बुलवाकर इस पर जवाब मांगा गया। साथ ही संबंधित डॉक्टर से तुरंत लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया।