बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने बंद की सेवाएं
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उधर, एसएसपी आकाश कुलहरि ने जूनियर डॉक्टरों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन बीएचयू ट्रामा सेंटर में पांच दिन के भीतर पुलिस चौकी खोलेगा। यहां एक सब इंस्पेक्टर और चार सिपाहियों की तैनाती की जाएगी। गुरुवार की दोपहर एडीएम सिटी और एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस ने बिड़ला अ, ब और स हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन चलाया। प्रवेश द्वार बंद कराकर छात्रों को हॉस्टल के सामने लॉन में खड़ा कराकर उनकी वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही, सभी का परिचय पत्र चेक कर उनके कमरों को खंगाला गया। भारी-भरकम पुलिस बल देख छात्र सहमे नजर आए वहीं कई हॉस्टल के कमरे छोड़कर भाग निकले।
इस बीच, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर और धन्वंतरि हॉस्टल में बुधवार की रात मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद गुरुवार को कुलपति आवास में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की तीन घंटे तक चली बैठक में ऐसी हिंसक घटनाओं में अगुवाई करने वाले 16 छात्रों को बवाली के तौर पर चिह्नित किया गया है। पुलिस इन सभी के बारे में अपने स्तर से तस्दीक कर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते गुरुवार को ट्रॉमा सेंटर और बीएचयू अस्पताल दोनों ही जगहों पर कोई नया मरीज भर्ती नहीं किया गया। आपरेशन के लिए जिनको गुरुवार की डेट दी गई थी, उन्हें भी लौटा दिया गया। सर सुंदरलाल अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों को देखा लेकिन सीरियस मरीजों को भी भर्ती नहीं किया गया। इस बीच दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जूनियर डॉक्टरों ने यहां की भी ओपीडी बंद करा दी गई और घंटों से अपनी बारी के इंतजार में खड़े मरीज बैरंग लौट गए।