{"_id":"59f343804f1c1bc9678b7f17","slug":"doctor-absent-at-chc-in-ballia-woman-died","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बलिया में सीएचसी पर नहीं मिले डॉक्टर, इलाज के अभाव में व्रती महिला ने दम तोड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलिया में सीएचसी पर नहीं मिले डॉक्टर, इलाज के अभाव में व्रती महिला ने दम तोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 28 Oct 2017 02:13 PM IST
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सीएचसी पर अफसरों का इंतजार करते राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बलिया जिले के ग्राम पंचायत नरही की एक व्रती महिला की शुक्रवार को नरहीं सीएचसी पर इलाज के अभाव में मौत हो गई। महिला के परिजन करीब डेढ़ घंटे तक ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचे। आखिरकार महिला ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा किया। खबर मिलते ही राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंचे और डीएम समेत स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की।
नरहीं गांव निवासी व ग्राम पंचायत सदस्य सिदावती देवी (45) पत्नी विजय शंकर राजभर ने इस वर्ष भी सूर्य षष्ठी व्रत रखा था। गुरुवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर वह घर सकुशल लौट आई।
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शुक्रवार की भोर में घाट पर जाते वक्त उनके पेट में अचानक दर्द उठा। परिवारीजन उन्हें लेकर सीएचसी नरहीं पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक गायब थे। इमरजेंसी में तैनात कर्मचारी चिकित्सक के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
परिवारीजनों के अनुसार, करीब डेढ़ घंटे तक चिकित्सक का इंतजार किया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसी दौरान हालत बिगड़ने पर सिदावती देवी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मौके पर रहते तो महिला की जान बच सकती थी।
उधर, सूचना पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंच गए तथा डीएम, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और स्वास्थ्य मंत्री से मोबाइल पर घटना से अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
डीएम सुरेंद्र विक्रम, सीडीओ संतोष कुमार, सदर एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे भी मौके पर पहुंच गए। डीएम ने घटना की तत्काल जांच के लिए एसडीएम और सीडीओ को निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया कि घटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक समेत आठ लोगों के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है।
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सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा किया। खबर मिलते ही राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंचे और डीएम समेत स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की।
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नरहीं गांव निवासी व ग्राम पंचायत सदस्य सिदावती देवी (45) पत्नी विजय शंकर राजभर ने इस वर्ष भी सूर्य षष्ठी व्रत रखा था। गुरुवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर वह घर सकुशल लौट आई।
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शुक्रवार की भोर में घाट पर जाते वक्त उनके पेट में अचानक दर्द उठा। परिवारीजन उन्हें लेकर सीएचसी नरहीं पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक गायब थे। इमरजेंसी में तैनात कर्मचारी चिकित्सक के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
परिवारीजनों के अनुसार, करीब डेढ़ घंटे तक चिकित्सक का इंतजार किया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसी दौरान हालत बिगड़ने पर सिदावती देवी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मौके पर रहते तो महिला की जान बच सकती थी।
उधर, सूचना पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी भी मौके पर पहुंच गए तथा डीएम, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और स्वास्थ्य मंत्री से मोबाइल पर घटना से अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
डीएम सुरेंद्र विक्रम, सीडीओ संतोष कुमार, सदर एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे भी मौके पर पहुंच गए। डीएम ने घटना की तत्काल जांच के लिए एसडीएम और सीडीओ को निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया कि घटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक समेत आठ लोगों के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ने माना लापरवाही
सीएचसी पर उपस्थित पंजिका पर हाजिरी चेक करते मंत्री उपेंद्र तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरहीं के चिकित्सा प्रभारी/एसीएमओ डा. राजनाथ ने बताया कि इमरजेंसी में डा. आनंद कुमार की ड्यूटी थी। लेकिन उन्होंने पिता को दिल्ली दिखाने के लिए अवकाश के लिए लिखित आवदेन दिया था। उन्हें अवकाश नहीं दिया गया था।
इस बीच उनके पिता की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और वे डा. ब्रज कुमार को इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए मौखिक कहकर चले गए। लेकिन ब्रज कुमार गुरुवार की रात इमरजेंसी ड्यूटी करने नहीं आए। जबकि उन्हें इमरजेंसी ड्यूटी करने जाना चाहिये था। यह उनकी लापरवाही है।
छठ व्रती महिला की इलाज के अभाव में मौत की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम नरहीं सीएचसी पहुंच गए, जहां राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभारी उपेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि तीन माह पूर्व सीएचसी का निरीक्षण कर चुके हैं।
जहां तमाम खामियां उस समय भी थी। जिसे दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आज तक दुरूस्त नहीं कराया गया। मंत्री के तेवर देख जिलाधिकारी ने जांचकर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तथा उपस्थिति पंजिका व सभी रजिस्टरों को अपने कब्जे में लिया।
इस बीच उनके पिता की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और वे डा. ब्रज कुमार को इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए मौखिक कहकर चले गए। लेकिन ब्रज कुमार गुरुवार की रात इमरजेंसी ड्यूटी करने नहीं आए। जबकि उन्हें इमरजेंसी ड्यूटी करने जाना चाहिये था। यह उनकी लापरवाही है।
छठ व्रती महिला की इलाज के अभाव में मौत की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम नरहीं सीएचसी पहुंच गए, जहां राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभारी उपेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि तीन माह पूर्व सीएचसी का निरीक्षण कर चुके हैं।
जहां तमाम खामियां उस समय भी थी। जिसे दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आज तक दुरूस्त नहीं कराया गया। मंत्री के तेवर देख जिलाधिकारी ने जांचकर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तथा उपस्थिति पंजिका व सभी रजिस्टरों को अपने कब्जे में लिया।