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निगमीकरण के प्रस्ताव की प्रति जलाकर की नारेबाजी
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वाराणसी। डीरेका द्वारा निर्मित प्रथम इंजन कुंदन के समक्ष एकत्र होकर सोमवार को कर्मचारियों ने निगमीकरण के प्रस्ताव की प्रतियां जलाईं। साथ ही देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू को याद कर प्रस्ताव के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने शपथ ली कि सरकार जब तक अपना निर्णय वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
एससी-एसटी एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष इंद्रेश ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भाजपा जिन नीतियों का विरोध करती थी, आज वही सब लागू कर रही है। ओबीसी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामायण सिंह यादव ने कहा- सरकार कहती है कि रेल चले तो देश चले, लेकिन आज इसका उल्टा हो रहा है। अब निगमीकरण कर रेल और देश दोनों को रोक रही है। डीरेका संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि सरकार कुछ उद्योगपतियों को बढ़ावा दे रही है, उससे आने वाले समय में आम आदमी गुलामी का जीवन व्यतीत करेगा। कर्मचारी परिषद के सदस्य प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाना चाहती है, ऐसे में पुराने सरकारी उपक्रमों का निगमीकरण क्यों करना चाहती है।
रेल मजदूर यूनियन के राजेंद्र पाल ने 27 जुलाई 2019 को नई दिल्ली में हुई बैठक के संबंध में कहा कि वहां सभी सातों प्रोडक्शन यूनिट के लोग एकत्रित हुए और एक संयुक्त मोर्चा के गठन की योजना बनी। यह मोर्चा निगमीकरण से होने वाले दुष्परिणामों को रेल कर्मचारियों के साथ ही आमजन को बताएगा। कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा- इन्वेस्टर मीट से साफ हो गया है कि बीएचयू जैसी संस्था जहां गरीबों का इलाज सस्ती दर पर हो जाता था, उसे भी सरकार उद्योगपति दोस्तों को सौंप देगी। इस दौरान अजय सिंह, वीपी सिंह, नरेंद्र भंडारी, आशुतोष, डीएन भट्ट, सरोज, लछमी मीना, अमित, राधावल्लभ त्रिपाठी, कृष्ण मोहन, हरि शंकर यादव, ए. हक, सुमित, हरिशंकर यादव, अश्वनी, शशि भूषण, रवि प्रकाश, राघवेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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एससी-एसटी एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष इंद्रेश ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भाजपा जिन नीतियों का विरोध करती थी, आज वही सब लागू कर रही है। ओबीसी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामायण सिंह यादव ने कहा- सरकार कहती है कि रेल चले तो देश चले, लेकिन आज इसका उल्टा हो रहा है। अब निगमीकरण कर रेल और देश दोनों को रोक रही है। डीरेका संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक बीडी दुबे ने कहा कि सरकार कुछ उद्योगपतियों को बढ़ावा दे रही है, उससे आने वाले समय में आम आदमी गुलामी का जीवन व्यतीत करेगा। कर्मचारी परिषद के सदस्य प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाना चाहती है, ऐसे में पुराने सरकारी उपक्रमों का निगमीकरण क्यों करना चाहती है।
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रेल मजदूर यूनियन के राजेंद्र पाल ने 27 जुलाई 2019 को नई दिल्ली में हुई बैठक के संबंध में कहा कि वहां सभी सातों प्रोडक्शन यूनिट के लोग एकत्रित हुए और एक संयुक्त मोर्चा के गठन की योजना बनी। यह मोर्चा निगमीकरण से होने वाले दुष्परिणामों को रेल कर्मचारियों के साथ ही आमजन को बताएगा। कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा- इन्वेस्टर मीट से साफ हो गया है कि बीएचयू जैसी संस्था जहां गरीबों का इलाज सस्ती दर पर हो जाता था, उसे भी सरकार उद्योगपति दोस्तों को सौंप देगी। इस दौरान अजय सिंह, वीपी सिंह, नरेंद्र भंडारी, आशुतोष, डीएन भट्ट, सरोज, लछमी मीना, अमित, राधावल्लभ त्रिपाठी, कृष्ण मोहन, हरि शंकर यादव, ए. हक, सुमित, हरिशंकर यादव, अश्वनी, शशि भूषण, रवि प्रकाश, राघवेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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