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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Diwali Special: They do their duty so that we can celebrate the festival, read- the story of those who perform

दिवाली स्पेशल: हम त्योहार मना पाएं इसलिए वो करते हैं अपनी ड्यूटी, पढ़ें- अपना फर्ज निभाने वालों की कहानी

Sun, 12 Nov 2023 01:34 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 12 Nov 2023 01:34 PM IST
सार

एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय का कहना है कि जीवन का एक लंबा समय पुलिस महकमे में बीत गया। अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाऊंगा। लोगों को खुश और सुरक्षित देखकर ही मुझे त्योहार मनाने की खुशी का अहसास हो जाता है।

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Diwali Special: They do their duty so that we can celebrate the festival, read- the story of those who perform
हम त्यौहार मना पाएं इसलिए वो करते हैं अपनी ड्यूटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्योहार पर सभी अपनों के पास होते हैं। परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ पर्व की खुशियां और दूनी हो जाती हैं। लेकिन, ऐसे खास मौकों पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनों से दूर होते हैं और इसकी वजह होती है उनकी ड्यूटी...। सैन्य कर्मियों के अलावा पुलिसकर्मी, अग्निशमन कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, रेल-रोडवेज जैसे परिवहन के सार्वजनिक माध्यमों के कर्मियों के साथ ही नगर निगम के सफाईकर्मी त्योहार के दिन भी अपनी ड्यूटी मुस्तैदी के साथ करते हैं। ये वही हैं जो अपनी ड्यूटी करते हैं तब हम त्योहार मना पाते हैं...।

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लोगों को खुश और सुरक्षित देख ही हम मना लेते हैं त्योहार

एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय का कहना है कि जीवन का एक लंबा समय पुलिस महकमे में बीत गया। अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाऊंगा। लोगों को खुश और सुरक्षित देखकर ही मुझे त्योहार मनाने की खुशी का अहसास हो जाता है। यह अलग बात है कि बच्चों और परिजनों की शिकायत रहती है कि त्योहार पर भी आप घर से दूर रहते हैं। मगर, अब वह भी हमारी जीवन शैली और ड्यूटी के अभ्यस्त हो चुके हैं। लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा और सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह के मुताबिक खाकी वर्दी सुरक्षा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। हां, शुरुआत में ये जरूर लगता था कि दूसरों की तरह त्योहार पर हमें छुट्टी क्यों नहीं मिलती, हम अपनों से दूर रहने को क्यों मजबूर हैं। लेकिन, धीरे-धीरे अहसास हुआ कि हम भी घर बैठ जाएंगे तो असामाजिक किस्म के लोगों से समाज के संभ्रांत लोगों की सुरक्षा कौन करेगा...?

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पहले पूरा करेेंगे सफाई का फर्ज फिर मनाएंगे दीपावली

परिवार के साथ दीपावली मनाने का मौका तो हर किसी को मिलता है लेकिन जनता की सेवा करने का मौका किसी-किसी को मिलता है। हर साल दीपावली पर मेरी ड्यूटी लगती है। पहले फर्ज निभाते हैं। इसके बाद परिवार के साथ दीपावली मनाते हैं। यह कहना है सफाईकर्मी रजत, बबलू, सुनीता, संगीता और दीपा का। दीपावली के दिन लहरतारा वार्ड के शिवदासपुर में साफ-सफाई की उनकी ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि सुबह जब बच्चे पटाखे और मिठाइयां मांग रहे थे, उन्हें कहकर आए हैं कि शाम को घर आते वक्त ले आएंगे। घर पर अन्य लोग दीपावली की तैयारियों में लगे हैं। दीपावली के दिन भी अपना काम खत्म करके जब घर जाएंगे तब दीपावली मनाएंगे।

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