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मंडलीय समीक्षा बैठक: मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा बोले-'तीन साल से ज्यादा लटके मामले एक दिन में निपटाएं'
Sat, 14 Oct 2023 12:09 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sat, 14 Oct 2023 12:09 PM IST
सार
मंडलायुक्त ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की बयान वाली सूची बनाकर ऐसे कर्मचारियों, लेखपाल की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। जनसुनवाई के बाद 11 से 2 बजे तक सभी लोग डिस्पोजल का कार्य जरूर करें।
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मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीन साल से ज्यादा लटके मुकदमों की सूची बनाई जाएगी और जिन मामले में पैरोकार नहीं आ रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक दिन में निपटाया जाएगा। राजस्व मुकदमों को कम करने के लिए शुक्रवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
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मंडलायुक्त ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की बयान वाली सूची बनाकर ऐसे कर्मचारियों, लेखपाल की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। जनसुनवाई के बाद 11 से 2 बजे तक सभी लोग डिस्पोजल का कार्य जरूर करें। पेशकार की ओर से बनाई गई केसों की सूची को पीठासीन अधिकारी अपने अनुसार तय करें। अविवादित नामांतरण वाद को कम करने के लिए तहसीलदार प्रतिदिन आधे घंटे का समय दें। रजिस्टर तथा अभिलेखों को चेक करते रहें तथा हमेशा उनको अपडेट रखें। सभी पीठासीन अधिकारी बार काउंसिल के सदस्यों से वार्ता करके सहयोग लें।
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चकबंदी केसों को भी त्वरित आधार पर निस्तारित करते हुए फाइल पर उपस्थित-अनुपस्थित को जरूर लिखें ताकि अगली डेट पर उसको निस्तारित किया जा सके। मंडलायुक्त ने हिदायत दी कि केसों के त्वरित निष्पादन में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार न होने पाये। उन्होंने कहा कि न्यायालय के अन्य अंगों पेशकार, अहलमद को भी जिम्मेदारी दी जाए ताकि उनका भी उपयोग किया जा सके। इस दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़े जौनपुर के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, गाजीपुर की जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और चंदौली के जिलाधिकारी निखिल कुमार ने अपने जिलों में पेंडिंग केसों की जानकारी दी। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने वाराणसी में पेंडिंग कोर्ट केसों को आपसी समन्वय के आधार पर ट्रांसफर कर उनके निपटारे की जानकारी दी गई।