{"_id":"5d434a648ebc3e6d10748cd4","slug":"direka-varanasi-news-vns476092688","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगमीकरण के विरोध में जारी रहेगी लड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगमीकरण के विरोध में जारी रहेगी लड़ाई
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वाराणसी। डीरेका सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के निगमीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। डीरेका परिसर से शुरू इस लड़ाई के समर्थन में अब बीमा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी संगठन भी आ गए हैं। गुरुवार को एलआईसी मंडल कार्यालय पर वाराणसी डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन (वीडीआईए) और डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की सभा में नारेबाजी कर विरोध जताया गया।
सभा की अध्यक्षता करते हुए वीडीआईए अध्यक्ष कामरेड नारायण चटर्जी ने सरकारी संस्थाओं पर लगातार किए जा रहे हमलों की पुरजोर निंदा की। डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक वीडी दुबे ने सरकार द्वारा रेल के निगमीकरण के विरुद्ध आवाज उठाया। इस दौरान राकेश गुजराती, राजकुमार गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, आरती श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
शाम को डीरेका कर्मचारी परिषद के कार्यालय में हुई बैठक में ऐपवा के प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि यदि सरकार डीरेका के निगमीकरण की तरफ बढ़ती है इसका प्रभाव सरकारी महिला कर्मी व गृहणियों को उठानी पड़ेगी। इस दौरान नवीन सिन्हा, डीएलडब्लू मजदूर संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार अपने पूर्व के नीति से हटकर आज वह केवल और केवल पूंजीपतियों के हिसाब से चल रही है।
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सभा की अध्यक्षता करते हुए वीडीआईए अध्यक्ष कामरेड नारायण चटर्जी ने सरकारी संस्थाओं पर लगातार किए जा रहे हमलों की पुरजोर निंदा की। डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक वीडी दुबे ने सरकार द्वारा रेल के निगमीकरण के विरुद्ध आवाज उठाया। इस दौरान राकेश गुजराती, राजकुमार गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, आरती श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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शाम को डीरेका कर्मचारी परिषद के कार्यालय में हुई बैठक में ऐपवा के प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा कि यदि सरकार डीरेका के निगमीकरण की तरफ बढ़ती है इसका प्रभाव सरकारी महिला कर्मी व गृहणियों को उठानी पड़ेगी। इस दौरान नवीन सिन्हा, डीएलडब्लू मजदूर संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार अपने पूर्व के नीति से हटकर आज वह केवल और केवल पूंजीपतियों के हिसाब से चल रही है।
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