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देश के पहले संस्कृत पुस्तक मेले में आकर्षण का केंद्र बनी यह ‘डिजिटल डिवाइस’

Mon, 11 Sep 2017 04:15 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 11 Sep 2017 04:15 PM IST
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digital ramayan is cntre of attraction at national sanskrit book fair
पुस्तक मेले में ‘डिजिटल रामायण’ ,लिम्का बुक आफ रिकार्डस में दर्ज है इसका नाम - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी मे लगे देश के पहले राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में ऐसे तो कई सारी चीजें लोगों को अपनी ओर खींच रही है मगर लिम्का बुक आफ रिकाडर्स में दर्ज ‘बोलती रामायण’  ही आकर्षण का केंद्र बनी है।  
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डिवाइस के जरिए 21 घंटे में सस्वर रामायण पाठ का यह अद्भुत अहसास मानस प्रेमियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं। इस डिजिटल रामायण में श्रीरामचरित मानस के सातों कांड क्रमवार हैं। 21 घंटे के इस संपूर्ण रामायण को अजय मुंदड़ा की आवाज में रिकार्ड किया गया है।
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राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) और बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में वाराणशी के टाउनहॉल में आयोजित नौ दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में हर दिन लोग इसे देखने-सुनने और खरीदने पहुंच रहे हैं।
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प्रयास संस्था की ओर से इसका स्टॉल लगाया गया है।  संस्था के संयोजक अभय माहेश्वरी ने बताया कि बोलती रामायण के माध्यम से राम और रामायण के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया है।

मानस के प्रति  आम जन की आस्था अगाध है। लोग आते हैं और श्रद्धापूर्वक इसे खरीदकर ले जाते हैं। रामायण के श्रवण एवं ध्वनि मात्र से ही वातावरण पवित्र और मंगलमय हो जाता है।

क्या है ‘बोलती रामायण’

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राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

बोलती रामायण एक अनूठी डिवाइस है। इसमें गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीराम चरित मानस के सातों कांड के सभी दोहे और चौपाई संगीतमय रिकॉर्डेड है। इसमें अनवरत 21 घंटे तक रामायण का पाठ तो है ही।

लोग अपनी पसंद के अनुसार टुकड़ाें में भी प्रसंग अलग-अलग सुन सकते हैं। यानी, जिसे केवल सुंदरकांड सुनना है या फिर बालकांड या कोई और प्रसंग सुनना है, वह अपनी पसंद के अनुरूप सुन सकता है। 
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