फेक कॉल से जूझ रही है डायल 112 की पुलिस: रोजाना आते हैं 50 कॉल, लूट की सूचना भी हो जाती है फर्जी
Varanasi News: डायल-112 के प्रभारी प्रवीण सिंह के अनुसार, 2023 में एक लाख 40 हजार लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। सभी का निस्तारण किया गया। वहीं, जनवरी से 15 जून तक 75 हजार लोगों ने शिकायत की है। 70 हजार शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
विस्तार
साहब, दो पक्ष भिड़ गए हैं, जल्दी आइए। बाइक सवार मोबाइल लूटकर फरार हो गए...। पति घर में मारपीट कर रहा है...इस तरह की सूचनाओं पर डायल-112 पुलिस पांच से छह मिनट में मौके पर पहुंचती है तो वहां का नजारा कुछ और होता है। शराब पीकर आपस में लोग उलझे रहते हैं।
मोबाइल लूट नहीं बल्कि रुपये लेनदेन का विवाद निकलता है। इस तरह रोज 50 फेक कॉल से डायल-112 की पुलिस जूझ रही है। कई बार तो ऐसा होता है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती है तो कोई मिलता ही नहीं है। वाराणसी कमिश्नरेट में डायल-112 का रिस्पांस टाइम पहले से काफी सुधरा है।
अब मैन पॉवर और संसाधन बढ़ गए हैं। हालांकि फेल कॉल करने वालों की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां पांच से दस कॉल फर्जी आते थे, अब संख्या 50 पहुंच गई है। सही मामलों में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बड़ी घटना होने से बचा लेती है।
डायल-112 पुलिस कर्मियों के अनुसार, 60 फीसदी मामले जमीन पर कब्जा, दीवार गिराने, दूसरी जमीन पर निर्माण, रास्ता निकालने की होती है। 25 फीसदी पड़ोस में चोरी, छिनैती के अलावा 10 फीसदी मामले छेड़खानी और पांच फीसदी सड़क हादसे समेत अन्य के होते हैं। सबसे अधिक जमीन संबंधी मामले होते हैं।
कोई निर्माण कार्य शुरू कर रहा है तो विरोध में सबसे पहले लोग डायल-112 पर ही सूचना देते हैं। मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने के बाद केस को स्थानीय पुलिस को सौंपा जाता है।
इस तरह की डायल 112 पर आती है कॉल
जमीन विवाद, मोबाइल चोरी, छिनैती, नाली विवाद, घरेलू हिंसा, सड़क हादसा, आगलगी, छेड़खानी, अकेली महिला को मंजिल तक छोड़ना
एक नजर
कमिश्नरेट में डायल की 105 वाहन
गली और संकरे रास्तों के लिए 49 दोपहिया वाहन
शहर में 56 चार पहिया वाहन
500 पुलिसकर्मी है तैनात
250 होमगार्ड हैं कार्यरत
रोजाना 300 से 350 शिकायतें आती हैं। इसमें 50 कॉल फेक होती हैं। पांच मिनट में पुलिसकर्मी पहुंचते हैं। फर्जी कॉल करने वालों को हिदायत दी जाती है। - प्रवीण सिंह, प्रभारी, डायल-112