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बीएचयू में दहाड़ीं छात्राएं, गरजे आईआईटियंस
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Thu, 19 Feb 2015 02:30 AM IST
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स्वास्थ्य और पुस्तकालय की सुविधा की मांग को लेकर बुधवार को संबद्ध कालेजों की छात्राओं ने बीएचयू प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया। सिंह द्वार पर जुटीं वीकेएम, आर्य महिला एवं बसंता कालेज की दो सौ से अधिक छात्राओं ने चेताया कि यदि 15 दिन के अंदर उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन फैसला नहीं लेता है तो वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगी।
भारी तादाद में छात्राओं के सिंह द्वार पर पहुंचने से सुरक्षाकर्मियों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गई, क्योंकि पहले से ही यहां आईआईटी के शोध छात्र अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही प्राक्टोरियल बोर्ड का पूरा अमला वहां आ डटा।
छात्राओं को समझाने की कोशिश जब नाकाम हो गई तो बीएचयू प्रशासन ने संबद्ध कालेजों के प्रधानाचार्यों को बुलाया। नाराज छात्राओं ने अपने प्रिंसिपल की भी अपील अनसुनी कर दी। बाद में चीफ प्राक्टर सत्येंद्र उपाध्याय छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को वे खुद कुलपति के सामने रखेंगे और उनकी हर संभव मदद करेंगे, तब जाकर छात्राएं शांत हुईं।
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छात्राओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलने वाली स्वास्थ्य और पुस्तकालय की सुविधा 15 दिन के अंदर उन्हें मुहैया नहीं कराई गई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगी। छात्राओं का तर्क था कि जब दाखिला से लेकर परीक्षा और रिजल्ट तक बीएचयू ही देता है तो फिर हेल्थ कार्ड और लाइब्रेरी कार्ड की सुविधा से संबद्ध कालेजों को क्यों वंचित रखा जा रहा है। आइसा ने भी छात्राओं के आंदोलन का समर्थन किया है। बीएचयू इकाई की सचिव शिखा सिंह का कहना है कि छात्राओं की मांगे जायज हैं। बीएचयू प्रशासन को सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
प्रधानमंत्री से की उनके मंत्रियों की शिकायत
आईआईटी के तकनीकी शोध छात्रों ने छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग लेकर देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में बुधवार को सिंह द्वार पर धरना दिया। आंदोलित छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्री और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया।
छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दोनों मंत्रियों की शिकायत की। शोध छात्र मृगेंद्र कुमार और अरविंद सिंह ने पीएम के रवींद्रपुरी स्थित संसदीय कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा। साथ ही आईआईटी निदेशक को पत्र देकर अनुरोध किया वे दोनों मंत्रियों को छात्रों की भावनाओं से अवगत कराएं।
सुबह राहुल सिंह, विजय कुमार व विनीता गौतम की अगुवाई में आईआईटी के शोध छात्र लिंबडी हास्टल से जुलूस की शक्ल में सिंह द्वार पहुंचे और वहां धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ओर से 21 अक्तूबर को जारी नोटिस के आधार पर शोध छात्रों की छात्रवृत्ति तो बढ़ गई मगर तकनीकी शोध छात्रों का मजाक बन गया।
कहा कि छात्रवृत्ति में 55 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव था लेकिन एसआरएफ तथा दो वर्ष का शोध अनुभव रखने वालों को तय दर से कम बढ़ोतरी की गई। इन कारणों से शोध छात्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। वे अपनी शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं।
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भारी तादाद में छात्राओं के सिंह द्वार पर पहुंचने से सुरक्षाकर्मियों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गई, क्योंकि पहले से ही यहां आईआईटी के शोध छात्र अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही प्राक्टोरियल बोर्ड का पूरा अमला वहां आ डटा।
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छात्राओं को समझाने की कोशिश जब नाकाम हो गई तो बीएचयू प्रशासन ने संबद्ध कालेजों के प्रधानाचार्यों को बुलाया। नाराज छात्राओं ने अपने प्रिंसिपल की भी अपील अनसुनी कर दी। बाद में चीफ प्राक्टर सत्येंद्र उपाध्याय छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को वे खुद कुलपति के सामने रखेंगे और उनकी हर संभव मदद करेंगे, तब जाकर छात्राएं शांत हुईं।
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छात्राओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों को मिलने वाली स्वास्थ्य और पुस्तकालय की सुविधा 15 दिन के अंदर उन्हें मुहैया नहीं कराई गई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगी। छात्राओं का तर्क था कि जब दाखिला से लेकर परीक्षा और रिजल्ट तक बीएचयू ही देता है तो फिर हेल्थ कार्ड और लाइब्रेरी कार्ड की सुविधा से संबद्ध कालेजों को क्यों वंचित रखा जा रहा है। आइसा ने भी छात्राओं के आंदोलन का समर्थन किया है। बीएचयू इकाई की सचिव शिखा सिंह का कहना है कि छात्राओं की मांगे जायज हैं। बीएचयू प्रशासन को सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
प्रधानमंत्री से की उनके मंत्रियों की शिकायत
आईआईटी के तकनीकी शोध छात्रों ने छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग लेकर देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में बुधवार को सिंह द्वार पर धरना दिया। आंदोलित छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्री और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया।
छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर दोनों मंत्रियों की शिकायत की। शोध छात्र मृगेंद्र कुमार और अरविंद सिंह ने पीएम के रवींद्रपुरी स्थित संसदीय कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा। साथ ही आईआईटी निदेशक को पत्र देकर अनुरोध किया वे दोनों मंत्रियों को छात्रों की भावनाओं से अवगत कराएं।
सुबह राहुल सिंह, विजय कुमार व विनीता गौतम की अगुवाई में आईआईटी के शोध छात्र लिंबडी हास्टल से जुलूस की शक्ल में सिंह द्वार पहुंचे और वहां धरना प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ओर से 21 अक्तूबर को जारी नोटिस के आधार पर शोध छात्रों की छात्रवृत्ति तो बढ़ गई मगर तकनीकी शोध छात्रों का मजाक बन गया।
कहा कि छात्रवृत्ति में 55 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव था लेकिन एसआरएफ तथा दो वर्ष का शोध अनुभव रखने वालों को तय दर से कम बढ़ोतरी की गई। इन कारणों से शोध छात्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। वे अपनी शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं।