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Devuthani Ekadashi: वाराणसी में श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डुबकी, गंगा घाट पर हुआ तुलसी विवाह;देखें वीडियो

Thu, 23 Nov 2023 04:11 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Thu, 23 Nov 2023 04:11 PM IST
सार

वाराणसी के घाटों पर भी तुलसी विवाह हुआ और लोगों ने घरों में भी तुलसी विवाह का आयोजन किया। धार्मिक मान्यकाओं के अनुसार चार महीने की निद्रा के बाद भगवान विष्णु आज जागते हैं और आज से सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाती है।
 

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Devuthani Ekadashi: Varanasi devotees took a dip of devotion, Tulsi marriage was held at Ganga Ghat
वाराणसी में श्रद्धालुओं ने लगाई श्रद्धा की डुबकी - फोटो : संवाद

विस्तार

धर्म की नगरी वाराणसी में कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवोत्थान एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। देवोत्थान एकादशी के साथ ही आज तुलसी विवाह भी है। वाराणसी के घाटों पर भी तुलसी विवाह हुआ और लोगों ने घरों में भी तुलसी विवाह का आयोजन किया। 

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धार्मिक मान्यकाओं के अनुसार चार महीने की निद्रा के बाद भगवान विष्णु आज जागते हैं और आज से सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाती है।

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देव प्रबोधिनी एवं देवउठनी (देवोत्थान) पर बृहस्पतिवार को देवाधिदेव महादेव की नगरी श्रीहरि के जय-जयकार गूंज उठी। चार माह तक क्षीरसागर में योगनिद्रा से जागृत हुए भगवान विष्णु ने सृष्टि का संचालन अपने हाथों में संभाल लिया। लोगों ने गंगा स्नान किया और व्रत रखकर शहर के विष्णु मंदिरों में दर्शन पूजन किए। वहीं, घरों से लेकर घाट तक शालिग्राम-तुलसी विवाह हुआ। महिलाओं ने विधि-विधान से तुलसी विवाह की परंपरा निभाई। इसके साथ ही मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए।

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आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से योगनिद्रा में विश्राम कर रहे भगवान विष्णु कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को जागृत हो गए। श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन के साथ व्रत का संकल्प लिया। मान्यतानुसार गन्ना, कन्ना व सिंघाड़े का सेवन किया। दशाश्वमेध स्थित बृहस्पति मंदिर, अस्सी घाट व साहूपुरी के विष्णु मंदिर, आदिकेशव घाट के आदि केशव मंदिर, पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव, मछोदरी स्थित स्वामी नारायण मंदिर आदि अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही।

 

Devuthani Ekadashi: Varanasi devotees took a dip of devotion, Tulsi marriage was held at Ganga Ghat
पंचगंगा घाट से तुलसी विवाह के लिए निकली बारात। - फोटो : अमर उजाला

लक्ष्मी संग शेष शैय्या पर विराजे भगवान विष्णु
एकादशी पर पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में भगवान विष्णु-लक्ष्मी को शेष शैय्या पर विराजमान कराकर शृंगार हुआ। पीत वस्त्र धारण कराया गया। मंदिर के प्रधान अर्चक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि भगवान विष्णु का कार्तिक पूर्णिमा तक अलग-अलग रूपों में शृंगार होगा। अस्सी के विष्णु मंदिर में नवीन धोती धारण करवाकर शृंगार हुआ। भोग में सकरकंद, केला, गन्ना आदि का भोग लगा। दशाश्वमेध स्थित बृहस्पति मंदिर में पंचमुखी शृंगार कर पीतांबरी धारण कराया गया। आदिकेशव मंदिर में दुपट्टा व सिला पीला वस्त्र धारण कर पीता पेड़ा व केला आदि भोग लगा।

पंचगंगा घाट पर हुआ विशेष आयोजन
देवउठनी एकादशी पर पंचगंगा घाट से गोधुलि बेला में गणेश घाट से श्रीमठ तक गाजेबाजे के साथ बरात निकली। शहनाई, बैंडबाजा आदि वाद्य यंत्रों की गूंज रही। रामानंदाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य के सानिध्य में द्वारपूजा के बाद पूजन-अर्चन के साथ ही विधिवत शालिग्राम-तुलसी विवाह हुआ। तुलसी घाट पर महंत जी के सानिध्य में तुलसी विवाह हुआ। अमर नगर कॉलोनी के प्राचीन शिव मंदिर के पास सिंधी समाज की महिलाओं ने भी तुलसी विवाह कर पूजन किया।

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