एटीएस कमांडो की निगरानी में आज भोले के दर्शन करेंगे भक्त, ऐसी सुरक्षा की परिंदा न मार सके पर
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महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बुधवार की शाम आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के 30 कमांडो तैनात हो गए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाली फोर्स का नेतृत्व 10 एडिशनल एसपी करेंगे।
10 कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक और मैदागिन क्षेत्र में 25 डिप्टी एसपी, 415 दरोगा-इंस्पेक्टर और 1250 सिपाही-हेड कांस्टेबल तैनात रहेंगे। इसके अलावा 200 महिला-पुरुष पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में श्रद्धालुओं के हुजूम के बीच तैनात रहेंगे।
गंगा में जल पुलिस और 11 एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। वहीं, बीएचयू स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर और शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात की गई है। ब्यूरो
मार्कंडेय महादेव मंदिर में सीसी कैमरे से निगरानी
महाशिवरात्रि पर कैथी स्थित मार्कंडेय मंदिर में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी सीसी कैमरों से की जाएगी। मंदिर क्षेत्र में पांच थानाध्यक्ष, आठ इंस्पेक्टर, 20 सब इंस्पेक्टर, 450 सिपाही-हेड कांस्टेबल और दो कंपनी पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा गंगा में गोताखोर भी किए गए हैं। उधर, महाशिवरात्रि पर चंदौली जनपद से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए मार्कंडेय महादेव घाट से पीपे के पुल का लोकार्पण केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने वर्चुअल तरीके से किया।