काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर प्रशासन का बड़ा कदम, लगाई रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अब प्रशासन ने स्थायी रोक लगा दी है। वह अब गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक कर सकेंगे।
इससे पहले मंदिर प्रशासन ने सावन महीने में श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश के लिए अस्थायी तौर पर रोक लगाई थी। सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। सावन महीने में श्रद्धालुओं ने इस बार मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक किया था।
ये भी पढ़ें : ससुरालियों ने दामाद की कर दी हत्या, सुसाइड बताने के लिए घर में फंदे पर लटकाया, ऐसे हुआ खुलासा
श्रद्धालुओं ने बड़ी ही श्रद्धा के साथ उनके दर्शन किए और मंदिर के गर्भगृह दरवाजे से ही जलाभिषेक किया। इस दौरान किसी को भी किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। वहीं प्रशासन को भी भीड़ से ज्यादा परेशानी नहीं हुई। मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि इस अस्थायी व्यवस्था को स्थायी किया जाए। अब श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भगृह के चार द्वार हैं, श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी में दो द्वार का ही इस्तेमाल होता है। वहीं चारों द्वार पर अर्घा लगाकर सीधे जलाभिषेक की व्यवस्था होने से सभी श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
ये भी पढ़ें : राजधानी में पेंट्रीकार कर्मी ने महिला से की छेड़खानी, जीआरपी ने गिरफ्तार किया