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Varanasi News: माता मंगला गौरी का अलौकिक स्वरूप देख भक्त निहाल, शोभायात्रा में गूंजे जयकारे
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वाराणसी। गुड़हल, गुलाब, जूही, केतकी के शृंगार से माता मंगला गौरी का अलौकिक स्वरूप देख श्रद्धालु निहाल हो उठे। चुनरी और आभूषणों से लकदक सजी माता को लोग अपलक निहारते रहे। इसके बाद निकली कलश शोभायात्रा में 108 महिलाओं ने नंगे पांव माता के जयकारे लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण किया। मौका था माता मंगला गौरी और देवाधिदेव गभस्तीश्वर महादेव के अन्नकूट शृंगार का।
मां मंगलागौरी गभस्तीश्वर महादेव समिति ने माता मंगला गौरी और देवाधिदेव गभस्तीश्वर महादेव का अन्नकूट बुधवार को श्रद्धा भाव के साथ किया। इसके निमित्त एक दिन पूर्व लघु रुद्राभिषेक किया गया। बुधवार को सुबह पंचामृत स्नान के बाद जूही, गुलाब, केतकी, रजनीगंधा, कमल, गुड़हल आदि फूलों से मां का शृंगार किया गया। इसके बाद सुबह 11 बजे मैदागिन टाउनहाल से मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 108 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर नंगे पांव बुलानाला, चौक, ठठेरी बाजार आदि होते हुए नगर भ्रमण किया। शोभायात्रा मां मंगलागौरी के प्रांगण में आकर संपन्न हुई। इस दौरान भजन-कीर्तन करते हुए चल रहीं महिलाओं ने मां के जयकारे लगाए। ध्वज, शंख और डमरू भी शोभायात्रा की शोभा बने। समिति के अध्यक्ष महंत नरेंद्र पांडेय की देखरेख में विविध अनुष्ठान हुए। नवचंडी पाठ हुआ और भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में पं. नारायण गुरु, संतोष सोलापुरकर, नलिन नयन मिश्र, अशोक नेने, तरुण पांडेय, मयंक पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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काशी से अयोध्या गए विद्वानों का हुआ सम्मान
अन्नकूट कार्यक्रम के दौरान अयोध्य में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गए विद्वानों को सम्मानित किया गया। शोभायात्रा के बाद शहर दक्षिणी विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने विद्वानों को माल्यार्पण और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से पं. अरुण दीक्षित, पं. सुनील दीक्षित, पं. माधव जनार्दन रटाटे, पं. षडानन पाठक, पं. गजानन ज्योत्कर, पं. चंद्रशेखर द्रविड़, पं. वासुदेव मंडलीकर, पं. अनिरुद्ध पेठकर, पं. भोलानाथ मोहले, पं. उमाशंकर याद्निक, पं. विश्वंभर पाठक, पं. रामकृष्ण बांधोकर आदि शामिल रहे।
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मां मंगलागौरी गभस्तीश्वर महादेव समिति ने माता मंगला गौरी और देवाधिदेव गभस्तीश्वर महादेव का अन्नकूट बुधवार को श्रद्धा भाव के साथ किया। इसके निमित्त एक दिन पूर्व लघु रुद्राभिषेक किया गया। बुधवार को सुबह पंचामृत स्नान के बाद जूही, गुलाब, केतकी, रजनीगंधा, कमल, गुड़हल आदि फूलों से मां का शृंगार किया गया। इसके बाद सुबह 11 बजे मैदागिन टाउनहाल से मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 108 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर नंगे पांव बुलानाला, चौक, ठठेरी बाजार आदि होते हुए नगर भ्रमण किया। शोभायात्रा मां मंगलागौरी के प्रांगण में आकर संपन्न हुई। इस दौरान भजन-कीर्तन करते हुए चल रहीं महिलाओं ने मां के जयकारे लगाए। ध्वज, शंख और डमरू भी शोभायात्रा की शोभा बने। समिति के अध्यक्ष महंत नरेंद्र पांडेय की देखरेख में विविध अनुष्ठान हुए। नवचंडी पाठ हुआ और भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में पं. नारायण गुरु, संतोष सोलापुरकर, नलिन नयन मिश्र, अशोक नेने, तरुण पांडेय, मयंक पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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काशी से अयोध्या गए विद्वानों का हुआ सम्मान
अन्नकूट कार्यक्रम के दौरान अयोध्य में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गए विद्वानों को सम्मानित किया गया। शोभायात्रा के बाद शहर दक्षिणी विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने विद्वानों को माल्यार्पण और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से पं. अरुण दीक्षित, पं. सुनील दीक्षित, पं. माधव जनार्दन रटाटे, पं. षडानन पाठक, पं. गजानन ज्योत्कर, पं. चंद्रशेखर द्रविड़, पं. वासुदेव मंडलीकर, पं. अनिरुद्ध पेठकर, पं. भोलानाथ मोहले, पं. उमाशंकर याद्निक, पं. विश्वंभर पाठक, पं. रामकृष्ण बांधोकर आदि शामिल रहे।
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