Dev Uthani Ekadashi: देवउठनी एकादशी आज, योगनिद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु; विष्णुमय हो जाएगी महादेव की नगरी
Dev Uthani Ekadashi 2023: पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में पांच दिन शृंगार होगा। प्रतिदिन अलग-अलग रंग में वस्त्र धारण करेंगे। मंदिर के प्रधान अर्चक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि बृहस्पतिवार को पीला, शुक्रवार गुलाबी, शनिवार को नीला, रविवार को लाल, सोमवार को सफेद वस्त्र धारण कराया जाएगा। एकादशी पर प्रभु का शेष शैय्या पर विराजमान कराया जाएगा।
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देव प्रबोधिनी एवं देवउठनी (देवोत्थान) पर गुरुवार को देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी विष्णुमय हो जाएगी। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से यानी पूरे चार माह से क्षीरसागर में योगनिद्रा में विश्राम कर रहे भगवान विष्णु कार्तिक मास शुक्लपक्ष की एकादशी को जागृत हो जाएंगे। लोग व्रत रखकर विष्णु मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे। नवीन वस्त्र धारण कराकर विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे और इसके साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। बृहस्पतिवार को 500 से ज्यादा बरात निकलेंगे और शहनाई पर मंगल गीत गूंजेंगे।
पांच दिन, पांच रंग के धारण करेंगे वस्त्र
पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में पांच दिन शृंगार होगा। प्रतिदिन अलग-अलग रंग में वस्त्र धारण करेंगे। मंदिर के प्रधान अर्चक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने बताया कि बृहस्पतिवार को पीला, शुक्रवार गुलाबी, शनिवार को नीला, रविवार को लाल, सोमवार को सफेद वस्त्र धारण कराया जाएगा। एकादशी पर प्रभु का शेष शैय्या पर विराजमान कराया जाएगा। उनको फलाहारी नैवेद्य चढ़ाया जाएगा। कुट्टू व सिंघाड़े के आटे के व्यंजन, साबुदाने की खिचड़ी, फल व मिठाई आदि का भोग लगेगा।
नवीन धोती को धारण करेंगे भगवान विष्णु
विभिन्न विष्णु मंदिरों में अलग शृंगार होगा। अस्सी स्थित विष्णु मंदिर में नवीन धोती धारण करवाया जाएगा। शकरकंद, केला, गन्ना आदि का भोग लगेगा। दशाश्वमेध स्थित बृहस्पति मंदिर में पंचमुखी शृंगार कराकर पीतांबरी धारण कराया जाएगा। पंचमेवा व मोतीचूर लड्डू का भोग लगेगा। आदिकेशव घाट स्थित आदिकेशव मंदिर में भी शृंगार होगा। दुपट्टा व सिला पीला वस्त्र धारण कराया जाएगा। पीला पेड़ा सहित अन्य मिठाई व फल का भोग लगेगा। शाहूपुरी स्थित विष्णु मंदिर नए वस्त्र धारणकर 56 भोग लगाए जाएंगे। भस्म शृंगार होगा। मच्छोदरी स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भी दर्शन होंगे।