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देव दीपावली: काशी के गंगा घाटों पर हाथों से पूजा की सामग्री उठा रहे सफाई कर्मी, इसके बाद की जा रही सफाई
Sat, 16 Nov 2024 12:20 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 16 Nov 2024 12:20 PM IST
सार
वाराणसी में 84 गंगा घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और देव दीपावली का उत्सव मनाने के बाद शनिवार की सुबह साफ- सफाई का काम शुरू हुआ।
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मान मंदिर घाट पर सफाई के बाद कूड़ा ले जाते कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
देव दीपावली पर दीपदान से तीन घंटे पहले 84 घाटों की सफाई के लिए 1260 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है। दरअसल कार्तिक पूर्णिमा स्नान के चलते भोर से लेकर दिन में 12 बजे तक लोग स्नान करते रहे। गंगा घाटों पर लोगों ने स्नान के बाद कपड़े भी छोड़े। इसे 12 से 3 बजे के बीच साफ कराया गया, ताकि शाम को इन घाटों पर लोग दीपदान कर सकें।
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नगर आयुक्त ने दिया सफाई पर विशेष जोर
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने देव दीपावली के अगले दिन सफाई के लिए विशेष जोर दिया है। उन्होंने बताया कि पूजा सामग्री को सफाई कर्मी हाथों से उठाकर साफ किया जा रहा है। यहां के फूल-मालाओं से खाद बनाकर खेतों में डाला जा रहा। पूजा सामग्री के अलावा अन्य सामग्री की सफाई झाड़ू से की जा रही है। सभी 84 घाटों की व्यवस्था को मुकम्मल कराने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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इनमें नगर निगम के 6600 सफाई कर्मचारी और आउटसोर्सिंग 6000 कर्मचारियों को घाट से लेकर कुंड तक तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों को सफाई, लाइट, सिल्ट, सीवर, चैंबर, घाटों की मरम्मत आदि से जुड़े कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
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निगम के अधिकारी देखरेख कर रहे हैं। जहां जहां कमियां मिल रही हैं, उन्हें तत्काल दूर कराया जा रहा है। शहर के अलावा नव विस्तारित क्षेत्रों के कुंड तालाबों को भी साफ कराया गया। गंगा में बहने वाले फूल मालाओं को उठाने के लिए ट्रेस स्कीमर चलाया जा रहा है। देवदीपावली के अगले दिन शनिवार को भी दिन भी सफाई हुई।