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बनारस में गजब की लूट मची है: 50 कदम की दूरी पर दोगुना हो जाता है ई-रिक्शा का किराया, कई जगह तीन गुना बढ़ाया
Tue, 04 Nov 2025 04:56 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 04 Nov 2025 04:56 PM IST
सार
वाराणसी में देव दीपावली पर ई- रिक्शा और ऑटो चालकों ने किराया दोगुना कर दिया है। कहीं- कहीं तो तीन गुना किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में काशी आने वाले पर्यटकों को ओवररेट किराये की मार झेलना तय है।
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Varanasi Traffic
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देव दीपावली पर कैंट स्टेशन परिसर और उससे 50 कदम की दूरी पर बाहर ई-रिक्शा के किराये में दोगुने का अंतर है। देश-विदेश से काशी पहुंचे श्रद्धालु और सैलानी स्टेशन से बाहर निकलते ही ओवररेट किराये की मार झेल रहे हैं। कैंट स्टेशन से लेकर लंका, मैदागिन, बेनिया और लक्सा तक चलने वाले ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने सामान्य किराए को दोगुना तो कहीं-कहीं तीन गुना तक बढ़ा दिया है।
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आम दिनों में कैंट से लक्सा या बेनिया तक रिजर्व ई-रिक्शा का किराया करीब 100 रुपये होता है, वहीं देव दीपावली के दौरान यही दूरी तय करने के लिए 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। स्थिति यह है कि कैंट स्टेशन के भीतर से निकलने वाले रिक्शा 200 रुपये मांग रहे हैं, जबकि बाहर खड़े चालकों का किराया 100 रुपये बताया जा रहा है।
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केस -1
महाराष्ट्र के रहने वाले विक्रांत निर्मले सोमवार की शाम परिवार काशी पहुंचे। उन्होंने गोदौलिया क्षेत्र में तीन दिनों के लिए एक होटल पहले ही बुक कर लिया था। यहां पहुंचने पर गोदौलिया जाने के लिए स्टेशन परिसर में मौजूद ई-रिक्शा चालकों ने उनसे 200-250 रुपये मांगे। उन्हें यह किराया अधिक लगा, क्योंकि वह पहले भी कई बार काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आ चुके थे। उन्होंने परिसर के बाहर एक ई-रिक्शा 100 रुपये में बुक किया।
केस - 2
सूरत के मोहित सोलांकी भी सोमवार को ट्रेन से काशी पहुंचे। उन्होंने परिसर में मौजूद ई-रिक्शा चालक से दशाश्वमेध जाने की इच्छा जाहिर की। चालक ने बताया कि रास्ता बंद है। गाड़ी केवल लक्सा क्षेत्र के एक मॉल तक जाएगी, वह भी गलियों से घूमकर। 200 रुपये से कम भाड़ा नहीं लगेगा। मोहित को कुछ संदेह लगा, उन्होंने बाहर मौजूद ई-रिक्शा से भाड़ा पता किया तो सामने आया कि परिसर के भीतर किराया दोगुना लिया जा रहा है।
महाराष्ट्र के रहने वाले विक्रांत निर्मले सोमवार की शाम परिवार काशी पहुंचे। उन्होंने गोदौलिया क्षेत्र में तीन दिनों के लिए एक होटल पहले ही बुक कर लिया था। यहां पहुंचने पर गोदौलिया जाने के लिए स्टेशन परिसर में मौजूद ई-रिक्शा चालकों ने उनसे 200-250 रुपये मांगे। उन्हें यह किराया अधिक लगा, क्योंकि वह पहले भी कई बार काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आ चुके थे। उन्होंने परिसर के बाहर एक ई-रिक्शा 100 रुपये में बुक किया।
केस - 2
सूरत के मोहित सोलांकी भी सोमवार को ट्रेन से काशी पहुंचे। उन्होंने परिसर में मौजूद ई-रिक्शा चालक से दशाश्वमेध जाने की इच्छा जाहिर की। चालक ने बताया कि रास्ता बंद है। गाड़ी केवल लक्सा क्षेत्र के एक मॉल तक जाएगी, वह भी गलियों से घूमकर। 200 रुपये से कम भाड़ा नहीं लगेगा। मोहित को कुछ संदेह लगा, उन्होंने बाहर मौजूद ई-रिक्शा से भाड़ा पता किया तो सामने आया कि परिसर के भीतर किराया दोगुना लिया जा रहा है।
रात में तीन गुना हो जाता है किराया
शहर में देव दीपावली के कारण भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में रात के समय जब ट्रेनें पहुंचती हैं, तो यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलते ही रिक्शा चालकों से मोलभाव करना पड़ता है। कई पर्यटक बताते हैं कि देर रात उतरने पर किराया सामान्य दर से तीन गुना तक बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, कैंट से लंका तक का किराया जहां समान्यतः 150 रुपये होता है, वहीं रात में 400 से 450 रुपये तक वसूला जा रहा है।
क्या बोले अधिकारी
पर्यटकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। जो भी ई-रिक्शा चालक ज्यादा किराया ले रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक
क्या बोले अधिकारी
पर्यटकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। जो भी ई-रिक्शा चालक ज्यादा किराया ले रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक