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दीपों की दिव्य आभा को कैमरे में कैद करने की दिखी बेताबी
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देव दीपावली की भव्यता के मुरीद देशी ही नहीं विदेशी पर्यटक भी हैं। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर अस्सी घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। सुबह ए बनारस मंच पर मंगलाचरण के साथ शास्त्रोक्त विधि से पूजन के साथ गंगा की महाआरती शुरू हुई।
अस्सी घाट हो या तुलसी घाट सब लोक भावनाओं के प्रतीक बनकर दीये की रोशनी में दमक रहे थे। आयोजनों को अपनी अपनी मोबाइल और कैमरे से इन पलों को कैद करने की हसरत उफान पर रही। घाटों पर पर विभिन्न संगठनों की ओर से आकर्षक दीपमाला सजाई गई थी।
पर्यटन उद्योग की लौटी रौनक
देव दीपावली पर पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यववसायियों की रौनक लौट आई है। आलम यह है कि लाखों रुपये में होटल के कमरे और बजड़े बुक हुए हैं। वाहनों की बुकिंग भी मुहमांगी कीमत पर हुई है। जहां एक होटल में एक लाख बीस हजार में कमरे की बुकिंग हुई है तो बजड़े की बुकिंग तीन लाख तक पहुंच गई। देव दीपावली पर शादी का मुहुर्त होने के कारण वाहनों की मांग सबसे अधिक रही। आम तौर पर तीन हजार में बुक होने वाले वाहन की बुकिंग 12-13 हजार में हुई।
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दो साल के बाद देश भर के पर्यटक इस बार काशी में आए। इससे पर्यटन सेक्टर में काफी बूम रहा। -राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन
पर्यटकों की आवाजाही से टूरिज्म सेक्टर की रौनक लौट आई। साथ ही हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी कारोबार को भी गति मिली। -प्रवीण मेहता, प्रवक्ता वाराणसी टूरिज्म गिल्ड
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अस्सी घाट हो या तुलसी घाट सब लोक भावनाओं के प्रतीक बनकर दीये की रोशनी में दमक रहे थे। आयोजनों को अपनी अपनी मोबाइल और कैमरे से इन पलों को कैद करने की हसरत उफान पर रही। घाटों पर पर विभिन्न संगठनों की ओर से आकर्षक दीपमाला सजाई गई थी।
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पर्यटन उद्योग की लौटी रौनक
देव दीपावली पर पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यववसायियों की रौनक लौट आई है। आलम यह है कि लाखों रुपये में होटल के कमरे और बजड़े बुक हुए हैं। वाहनों की बुकिंग भी मुहमांगी कीमत पर हुई है। जहां एक होटल में एक लाख बीस हजार में कमरे की बुकिंग हुई है तो बजड़े की बुकिंग तीन लाख तक पहुंच गई। देव दीपावली पर शादी का मुहुर्त होने के कारण वाहनों की मांग सबसे अधिक रही। आम तौर पर तीन हजार में बुक होने वाले वाहन की बुकिंग 12-13 हजार में हुई।
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दो साल के बाद देश भर के पर्यटक इस बार काशी में आए। इससे पर्यटन सेक्टर में काफी बूम रहा। -राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन
पर्यटकों की आवाजाही से टूरिज्म सेक्टर की रौनक लौट आई। साथ ही हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी कारोबार को भी गति मिली। -प्रवीण मेहता, प्रवक्ता वाराणसी टूरिज्म गिल्ड