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दुनिया के बाजार में चमकेंगे काशी के शिल्प के नए रंग

Sun, 27 May 2018 12:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 27 May 2018 12:29 PM IST
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Design conclave start today in deendayal hastkala sankul at varanasi
स्मारिका का विमोचन करते अतिथि गण - फोटो : अमर उजाला
देश-दुनिया के बाजार में जल्दी ही काशी के शिल्प के नए रंग नजर आएंगे। नए दौर की जरूरतों, पसंद और फैशन के बदलते ट्रेंड के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए स्थानीय शिल्पियों, बुनकरों को अंतरराष्ट्रीय डिजाइनर प्रशिक्षित करेंगे। बुनकरों और शिल्पियों को समय-समय पर प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
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यूपीआईडी (उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) की ओर से शुक्रवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल में शुरू हुए दो दिवसीय डिजाइन कॉन्क्लेव और हस्तशिल्पी-बुनकर समिट में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टमटा और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी की मौजूदगी में यह जानकारी दी गई।
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साथ ही, बुनकरों, शिल्पियों की कारोबारी सुविधा के लिए यूपीआईडी का एप लांच किया गया। डाक्यूमेंट्री और स्मारिका के विमोचन के अलावा पहले दिन शिल्पियों, बुनकरों को उनके उत्पादों के निर्माण में डिजाइन के महत्व की जानकारी दी गई।  
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यूपीआईडी की निदेशक क्षिप्रा शुक्ला ने बताया कि हमारा उद्देश्य बुनकरी की दोनों विधाओं में पारंगत करना है। मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के साथ ही अपने उत्पाद के हिसाब से बाजार में मांग पैदा करने की दोहरी रणनीति पर काम किया जा रहा है।

यूपीआईडी एप ऐसा मंच है, जहां शिल्पी, डिजाइनर, बुनकर, खरीदार आदि सभी शामिल होंगे। से गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यूपीआईडी से जुड़े राज्यसभा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे के अलावा निदेशक यूपीआईडी पवन कुमार, संयुक्त निदेशक उद्योग उमेश सिंह, डॉ. रजनीकांत, उद्यमी अशोक गुप्ता, देव भट्टाचार्या आदि इस मौके पर मौजूद रहे।

इन्होंने कहा कि...

Design conclave start today in deendayal hastkala sankul at varanasi
डिजाइन कानक्लेव एवं शिल्पकार बुनकर सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि वर्षों तक सत्ताधीशों ने हस्तशिल्पियों और बुनकरों की कोई सुध नहीं ली। अब इतिहास की धारा बदल चुकी है। उन्होंने हस्तशिल्पियों की महत्ता बताते हुए ऋग्वेद के कई उदाहरण दिए। कहा, केंद्र और प्रदेश सरकार शिल्पियों, बुनकरों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। 

केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री अजय टम्टा ने यूपीआईडी की बुकलेट लांच करते हुए कहा कि इंडिया हैंडलूम को प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रांड बना दिया। बताया कि बुनकरों की सुविधा के लिए उनके मंत्रालय ने इंटरनेट धागा एप बनाया। इसके जरिए 73 लाख किलो यार्न उपलब्ध कराया गया। कालीन एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने भदोही क्षेत्र में इस तरह के समिट के आयोजन पर बल दिया। 

प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि अक्तूबर महीने में भदोही कालीन मार्ट मेले का आयोजन होगा। उन्होंने यूपीआईडी को निर्देश दिया कि प्रदेश के 28 जिले, जहां हस्तशिल्पियों की बड़ी तादाद है, वहां उनके उन्नयन और विकास की ठोस रूपरेखा तैयार की जाए। बनारसी सिल्क, मिर्जापुरी दरी और भदोही के कालीन को अंतराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
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