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पूर्वांचल में तीन दिनों तक छाई रहेगी धुंध

Sun, 07 Dec 2014 01:42 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 07 Dec 2014 01:42 AM IST
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वाराणसी। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से होकर आगे बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के
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चलते मौसम का मिजाज बदल रहा है। पूर्वांचल में 24 घंटे के दौरान पारा सात डिग्री से अधिक लुढ़क गया। पूर्वांचल के आसमान में करीब 1.5 हजार मीटर ऊंचाई से गुजर रही विक्षोभ की हवाओं के चलते सर्दी बढ़ने का अनुमान है। अगले तीन दिनों तक वाराणसी और आसपास के इलाके में ठंड हवाएं बहती रहेंगी और कोहरा छाया रहेगा। मौसम के करवट लेने से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। शहर के तिराहों, चौराहों और घाटों पर अलाव न जलने से गरीबों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
पूर्वांचल के आसमान में तीन दिनों तक विक्षोभ के बादल छाए रहेंगे। हालांकि बारिश होने की उम्मीद नहीं है लेकिन हवा और कोहरे के चलते गलन बढ़ेगी। बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के कोआर्डिनेटर डॉ. रविशंकर सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सीमा से होकर विक्षोभ लगातार आगे बढ़ रहा है। बर्फीली हवाओं के उत्तराखंड होते हुए यूपी से गुजरने के चलते पूर्वांचल में ठंड बढ़ेगी। अगले तीन दिनों तक पारा लुढ़का रहेगा। शनिवार को बाबतपुर मौसम केंद्र ने वाराणसी में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री रिकार्ड किया। यह तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे है। इसी तरह न्यूनतम पारा 12. 4 डिग्री पर दर्ज किया गया। रात आठ बजे के बाद कोहरे की धुंध फिर आसमान में छा गई। ऐसे में राजमार्ग के अलावा शहर में भी सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। दिन में भी लोग कहीं टायर तो कहीं प्लास्टिक और कूड़ा जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे।

अमूमन इस मौसम में बच्चों में पेट दर्द, कोल्ड डायरिया (उल्टी, दस्त आदि) की शिकायत रहती है। नाक, कान, गला संबंधी बीमारियों का भी खतरा रहता है। इन दिनों कोल्ड डायरिया से पीडि़त बच्चे अधिक आ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर खास तौर पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें गर्म कपड़े पहनाने के साथ ही समय-समय पर हल्का गुनगुना पानी ही पिलाएं, जिससे कि गले में संक्रमण न हो। -डॉ. एससी सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल

 घने कोहरे और गलन की वजह से सांस वाले मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए। इस मौसम में रक्तचाप बढ़ने और हृदय घात की संभावना अधिक रहती है। बीमारी की आशंका होने पर न केवल तुरंत चिकित्सालय जाकर जांच करानी चाहिए बल्कि खान-पान, कपड़ा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।-डॉ. अनिरुद्ध सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ

इन बातों का रखें ध्यान
पूरी बांह के गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें।
अजवाइन, तुलसी, अदरक की चाय पीयें।
सर्दी, जुकाम आने पर काढ़ा लें ।
हल्का गरम पानी का ही सेवन करें।

कोहरे के चलते तीन उड़ानें विलंबित
बाबतपुर (सं.)। मौसम के करवट लेने के साथ ही जनजीवन पर उसका असर दिखने लगा है। लगातार दूसरे दिन कोहरे के चलते विमान सेवाओं पर असर पड़ा। दिल्ली से आने वाली तीन उड़ानें अपने तय समय से एक से दो घंटे देर से आईं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार हैदराबाद से दिल्ली होकर वाराणसी आने वाली इंडिगो की उड़ान अपने तय समय पूर्वाह्न 10 बजकर 10 मिनट से डेढ़ घंटे विलंब से यहां पहुंची। दिल्ली में कम दृश्यता के चलते शनिवार की सुबह उड़ानों पर असर पड़ा। इसी प्रकार स्पाइस जेट की उड़ान एसजी 116 दोपहर 11.50 की जगह 12.50 बजे बाबतपुर पहुंची। उधर, एयर इंडिया की दिल्ली-वाराणसी उड़ान भी कोहरे के चलते 11.45 बजे की जगह दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर यहां पहुंची। मौसम कार्यालय के अनुसार सुबह नौ बजे तक सौ मीटर दृश्यता थी जबकि दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 400 मीटर हो गई थी।

ठंड ने दी दस्तक, अलाव की कहीं व्यवस्था नहीं
वाराणसी (ब्यूरो)। शहर में ठंड ने दस्तक दे दी है। रोडवेज, रेलवे स्टेशन के सामने, टैक्सी और आटो स्टैंड के आसपास आमजन शुक्रवार की शाम से ही ठिठुरते देखे गए लेकिन नगर निगम के अलाव जलते कहीं नजर नहीं आए। दिखते भी कैसे, जब नगर निगम प्रशासन ने शुक्रवार को ही तय किया कि इस बार उद्यान विभाग की बजाय सामान्य अभियंत्रण विभाग अलाव जलवाएगा। वैसे अलाव कब, कैसे और कहां जलेगा, अभी यह तय नहीं हो सका है। इसके लिए सोमवार को बैठक होगी। शहर की सफाई, पेयजल आपूर्ति, सीवर, स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर नगर निगम प्रशासन लापरवाही बरतता ही है। ठंड के दौरान गरीबों, मजदूरों और राहगीरों का गुजारा कैसे हो। इसके प्रति भी उदासीन बना रहता है। यह इसी बात से समझा जा सकता है कि दिसंबर का पहला हफ्ता बीतने को है मगर शहर में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं है।  
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अभी अलाव वाली ठंड नहीं पड़ रही है। सोमवार को नगर आयुक्त कैंप कार्यालय में बैठक में अलाव के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। तभी यह साफ हो पाएगा कि लकडि़यां कैसे आनी हैं और कहां अलाव जलना है। - कैलाश सिंह, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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