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BHU के MS को हटाने की मांग: छात्रों ने फूंका पुतला, भ्रष्टाचार का आरोप, मुर्दाबाद के लगाए नारे; पहुंची पुलिस

Sat, 24 May 2025 03:44 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 24 May 2025 03:44 PM IST
सार

BHU Hospital: बीएचयू में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर छात्रों ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। एमएस का पुतला भी जलाया। आसपास माैजूद सुरक्षाकर्मियों ने पुतला छिनने की कोशिश की तब तक आग लग चुकी थी।

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Demand to remove MS of BHU Students burnt effigy accused him of corruption raised slogans of Murdabad
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ऑफिस के बाहर छात्रों ने जलाया पुतला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में लगातार बढ़ती अव्यवस्थाओं, दलालों की सक्रियता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के विरोध में शनिवार को विश्वविद्यालय के छात्रों ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ऑफिस के समीप प्रदर्शन किया।

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एसएस डॉ. केके गुप्ता एवं आईएमएस निदेशक एसएन शंखवार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए छात्र प्रतिनिधि पुनीत मिश्रा ने कहा कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय सिर्फ बीएचयू ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल समेत कई राज्यों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन रेखा है।
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महामना पंडित मदनमोहन मालवीय द्वारा स्थापित यह संस्थान मानवता के मूल्यों पर आधारित था, परंतु वर्तमान में यह भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की मौन सहमति से निजी जांच केंद्रों से मिलीभगत कर मरीजों को वहा भेजा जा रहा है, जिससे दलाली और कमीशनखोरी को बढ़ावा मिल रहा है।

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छात्रों ने रखी अपनी बात

छात्रों की प्रमुख मांगों में मरीजों को समुचित और नियमित भोजन की व्यवस्था, रेडियोलॉजिकल व रक्त जांच रिपोर्ट की डिजिटल उपलब्धता, रेडियोलॉजिकल जांचों की प्रतीक्षा अवधि में कमी, जांच शुल्क में पारदर्शिता, आवश्यक दवाओं की वार्डों में उपलब्धता, ICU नीति में स्पष्टता, तथा बाहरी उपकरणों व दवाओं की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है।

सत्यनारायण सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्र स्वास्थ्य संकुल की आपातकालीन सेवाएं, जो कोरोना काल से पहले रात आठ बजे तक चालू रहती थीं, अब तक बहाल नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि हजारों छात्रों के लिए केवल छह इमरजेंसी बेड उपलब्ध हैं, जो अत्यंत निराशाजनक है।

दिव्यांश धर दुबे ने भी छात्रों को ओर से बात रखते हुए कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं। प्रशासन भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाया और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पद से नहीं हटाया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान श्यामल, पल्लव, आशीर्वादम, यशवर्धन, दिव्यांशु, अंकित, आयुष और शिवम सोनकर आदि उपस्थित रहे।

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