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मुख्तार अंसारी के पेरोल पर फैसला अब 22 को

Mon, 20 Feb 2017 06:29 PM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Mon, 20 Feb 2017 06:29 PM IST
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delhi highcourt will decide mukhtar ansari parole on 22 feb
mukhtar ansari - फोटो : file photo
दिल्ली हाईकोर्ट में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के पेरोल के मामले पर सोमवार को सुनवाई हुई। उसी बीच यूपी सरकार के वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए मोहलत मांगी। कोर्ट ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए 22 फरवरी को फैसला सुनाने की बात कही।
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सुनवाई के दौरान मुख्तार के पक्ष में वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेसी नेता द्वय कपिल सिब्बल और खुर्शीद आलम ने पैरवी की। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में सीबीआई कोर्ट से मिले पेरोल को आधार बनाया।
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उन्होंने कहा कि  मुख्तार पेरोल के हकदार हैं लेकिन निर्वाचन आयोग तथा सीबीआई के वकीलों ने पेरोल का विरोध किया।
आयोग के वकील का कहना था कि मुख्तार की अपराधिक छवि है। वह बाहुबली हैं। लिहाजा विधानसभा के मऊ निर्वाचन क्षेत्र में करने के लिए  दबाव बनाएंगे।

उससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होगी। सीबीआई के वकील का कहना था कि मुख्तार के जाने से उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों के गवाह आतंकित रहेंगे। उनके भय से कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
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मालूम हो कि भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोपित मुख्तार अंसारी विधानसभा चुनाव में अपनी परंपरागत सीट मऊ सदर से इस बार बसपा उम्मीदवार हैं। अपने प्रचार अभियान के लिए पेरोल की अर्जी दी थी।

सीबीआई कोर्ट ने पेरोल की अर्जी की थी मंजूर

delhi highcourt will decide mukhtar ansari parole on 22 feb
mukhtar ansari - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई कोर्ट ने उस अर्जी को मंजूर करते हुए उन्हें 17 फरवरी से मतदान के दिन चार मार्च तक के लिए पेरोल पर मऊ जाने की इजाजत दी। उसके लिए लखनऊ प्रशासन को आवश्यक उपाय करने का आदेश भी दी लेकिन लखनऊ प्रशासन ने प्रदेश शासन से इस बाबत मार्ग निर्देशन मांगा।

साथ ही पेरोल के दौरान पुलिस कस्टडी पर आने वाले खर्च की राशि भी मुख्तार से जमा करा लिया। उधर प्रदेश शासन इस मामले को निर्वाचन आयोग तक पहुंचा दिया।
उसके बाद आयोग सीबीआई कोर्ट के पेरोल के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट गया।

जहां आयोग की उस याचिका पर सुनवाई हो रही है। मुख्तार समर्थकों को पूरा यकीन है कि दिल्ली हाईकोर्ट से उन्हे पेरोल मिलेगा।
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