बीएचयू हॉस्पिटल : रेजिडेंट्स की हड़ताल का तीसरा दिन, कम हुई मरीजों की संख्या
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बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में रेजिडेंटों की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं आज मरीजों की संख्या में भी काफी कमी दिखाई दी। तो कई ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण होना बंद हो गया है। हालांकि तीसरे दिन भी अधिकारियों से हुई वार्ता बेनतीजा रही और हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी।
बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के रेजिडेंट सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक हड़ताल पर हैं। इसका असर यह है कि ओपीडी में पर्चा जमा करने के बाद मरीजों और तीमारदारों को डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है जो बिहार, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, मऊ आदि दूर दराज इलाकों से यहां बेहतर उपचार की उम्मीद लिए आते हैं।
अक्सर ओपीडी में रेजिडेंटों के रहने से जहां 200 से 300 मरीज देखे जाते थे, वहीं कई विभागों की ओपीडी हड़ताल की वजह से 150 से 200 तक ही रह जा रही है। इसके अलावा जांच और ऑपरेशन का ग्राफ पिछले तीन दिन में तेजी से गिरा है। सोमवार को जहां 83 और मंगलवार को 40 ऑपरेशन हुए, वहीं मंगलवार को 33 ही हो सके।
इसके अलावा सोमवार-मंगलवार को 3022-2622 लोगों की जांच के सापेक्ष बुधवार को केवल 2122 लोगों की जांच हुई। इसके अलावा वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है।
मनाने में लगे अधिकारी, रेजिडेंट कार्रवाई पर अड़े :
तीन दिन से जारी हड़ताल को खत्म कराने के उद्देश्य से आईएमएस के अधिकारी बुधवार को भी मनाने में लगे रहे लेकिन रेजिडेंट लिखित कार्रवाई पर अड़े रहे। सुबह आईएमएस में हुई बैठक में इस मामले में एमएचआरडी में कार्रवाई होने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी लेकिन रेजिडेंट इसको मानने को तैयार नहीं हुए। चेतावनी दी कि शुक्रवार तक मांगें न माने पर शनिवार से इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम में भी काम नहीं करेंगे।