{"_id":"66c67ffc19990f0b76027374","slug":"danger-of-dengue-increased-mosquito-larvae-found-in-91-houses-varanasi-news-c-20-vns1056-702030-2024-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dengue Alert: बारिश के बाद बढ़ा डेंगू का खतरा, वाराणसी में 91 घरों में मिले मच्छरों के लार्वा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dengue Alert: बारिश के बाद बढ़ा डेंगू का खतरा, वाराणसी में 91 घरों में मिले मच्छरों के लार्वा
Thu, 22 Aug 2024 12:52 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 12:52 PM IST
सार
बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में वाराणसी जिले में जलभराव वाले जगह पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान चलाकर लार्वा की जांच की। इसमें 91 घरों में मच्छरों के लार्वा मिले।
विज्ञापन
डेंगू
- फोटो : amarujala
विस्तार
वाराणसी जिले में बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जलभराव वाले जगह पर लार्वा की जांच के अभियान चलाया। बीस दिन में 22 हजार से अधिक घरों की जांच की गई। इसमें 91 घरों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा लोगों से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते रहने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी इलाकों में 34 जबकि ग्रामीण इलाकों में 28 हॉटस्पाट बनाए गए हैं। ये वो इलाके हैं, जहां पहले केस अधिक मिल चुके हैं। इन इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि एक अगस्त से घर-घर जाकर मच्छरों का लार्वा खोजा गया। इसमें करीब 22,260 घरों का भ्रमण किया गया। इसमें 56040 स्थानों और पात्रों पर लार्वा स्रोत पाए गए। समस्त स्रोतों का विनष्टीकरण कराया गया।
91 ऐसे घर पाये गए जहां बार-बार लार्वा स्रोत पाए गए, उन घरों को नोटिस भी दिया गया है। एक से बीस अगस्त तक करीब 1097 बुखार वाले लक्षण के मरीज पाये गए। जांच में कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला जबकि डेंगू का एक संभावित व्यक्ति मिला है। एलाइजा जांच रिपोर्ट आने पर ही डेंगू की पुष्टि मानी जाती है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास लार्वा की जांच करने के साथ ही स्क्रीनिंग और जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। नगर निगम और पंचायती राज के सहयोग से ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कर रही है। सरकारी अस्पतालों में 20-20 बेड और सीएचसी पर 10-10 बेड और पीएचसी पर 5 बेड मच्छरदानी वाले आरक्षित करवा दिए गए हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी इलाकों में 34 जबकि ग्रामीण इलाकों में 28 हॉटस्पाट बनाए गए हैं। ये वो इलाके हैं, जहां पहले केस अधिक मिल चुके हैं। इन इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि एक अगस्त से घर-घर जाकर मच्छरों का लार्वा खोजा गया। इसमें करीब 22,260 घरों का भ्रमण किया गया। इसमें 56040 स्थानों और पात्रों पर लार्वा स्रोत पाए गए। समस्त स्रोतों का विनष्टीकरण कराया गया।
विज्ञापन
91 ऐसे घर पाये गए जहां बार-बार लार्वा स्रोत पाए गए, उन घरों को नोटिस भी दिया गया है। एक से बीस अगस्त तक करीब 1097 बुखार वाले लक्षण के मरीज पाये गए। जांच में कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला जबकि डेंगू का एक संभावित व्यक्ति मिला है। एलाइजा जांच रिपोर्ट आने पर ही डेंगू की पुष्टि मानी जाती है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास लार्वा की जांच करने के साथ ही स्क्रीनिंग और जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। नगर निगम और पंचायती राज के सहयोग से ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कर रही है। सरकारी अस्पतालों में 20-20 बेड और सीएचसी पर 10-10 बेड और पीएचसी पर 5 बेड मच्छरदानी वाले आरक्षित करवा दिए गए हैं।