बीएचयू में दलित छात्रा को गार्ड ने शौचालय जाने से रोका, पीड़िता ने कुलपति को सौंपा शिकायती पत्र
बीएचयू महिला महाविद्यालय में गुरुवार को एक दलित छात्रा को सुरक्षा गार्ड ने टायलेट जाने से रोक दिया। नाराज छात्रा ने महाविद्यालय प्राचार्य के साथ ही कुलपति, चीफ प्रॉक्टर से शिकायत कर गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कला संकाय की छात्रा ने इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताया। उधर चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक गार्ड ने महाविद्यालय गेट पर बने मेल टायलेट में जाने से मना किया, तब इस तरह के आरोप लगे हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में इन दिनों काउंसलिंग की वजह से छात्र-छात्राओं की भीड़ लग रही है। बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए काउंसलिंग केंद्र क बाहर छात्र संगठनों की ओर से हेल्प डेस्क लगाए गए हैं।
शिकायत करने वाली छात्रा भी महिला महाविद्यालय गेट पर बीएचयू बहुजन हेल्प डेस्क पर बैठी थी। शिकायत पत्र में बताया है कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे वह टॉयलेट जाने के लिए महाविद्यालय के अंदर जा रही थी।
इसी दौरान वहां गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि गार्ड ने महाविद्यालय में ना जाकर अस्पताल में जाने की सलाह दी। खुद का परिचय बतौर बीएचयू की छात्रा देने के बाद भी गार्ड द्वारा रोका जाना भेदभावपूर्ण और अमानवीय है।
उधर इस घटना के बाद से जहां विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप है, वहीं अन्य छात्राओं में आक्रोश है। घटना की जानकारी होने पर चीफ प्रॉक्टर ने सुरक्षा अधिकारियों को भेजकर घटना की जानकारी ली।
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो ओपी राय का कहना है कि छात्रा की शिकायत मिली है। इसके बाद ही सुरक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा गया। गार्ड के मुताबिक छात्रा गेट के पास बने मेल टायलेट में जा रही थी, इससे मना करने पर आरोप लगाया गया। छात्रा से भी बातचीत करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।