भूलकर भी न करें ये गलती: साइबर ठगों ने इस शख्स को 80 लाख की लगाई चपत, 20 बैंक खातों में ट्रांसफर कराए रुपये
वाराणसी जिले की साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने 80 लाख रुपये की ठगी के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। साइबर ठगों ने पीड़ित को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 बैंक खातों में 80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर आनंदपुरी कॉलोनी, पहड़िया निवासी अखिलेश कुमार पांडेय से 80 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। अखिलेश की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। साइबर ठगों ने 20 बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए हैं। इससे पहले अखिलेश विदेश में नौकरी कर चुके हैं। फिलहाल, वह अपने घर पर रह रहे हैं।
अखिलेश ने पुलिस को बताया कि नोएडा स्थित इंडीड एजेंसी के माध्यम से चार अक्तूबर 2024 को ई-मेल और फोन के माध्यम से उसका इंटरव्यू हुआ। तब से अब तक इमिग्रेशन, मेडिकल फीस, पीआर वीजा सिक्योरिटी फीस, अपार्टमेंट सिक्योरिटी फीस, कंपनी बॉन्ड सिक्योरिटी फीस, अकाउंट ओपन फीस और 28% जीएसटी के नाम पर लगभग 80 लाख रुपये 20 अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में जमा कराए गए। उन्हें एजेंसी की ओर से आश्वस्त किया गया था कि नौकरी ज्वाइन करने से पहले उनका 90% पैसा रिफंड हो जाएगा।
इनके खाते में जमा कराए रुपये
अखिलेश के मुताबिक साइबर ठगों ने रिसेप्शनिस्ट माही राजपूत, एचआर अजय शर्मा, असिस्टेंट एचआर देवराज चौहान, अकाउंटेंट वैभव अरोड़ा, एजेंट रोहित भारद्वाज, मनोज कुमार, अंकित कुमार, कृष्ण चंद्र और आरोहीजुले, रिशु कुमार, रवि कुमार, विकास कुमार, स्वाति पाल, सचिन त्यागी, सीताराम शर्मा, प्रतीक सिंह, दिनेश आर्नोल्डेका, किशन चंद्र, मीना देवी और अवनीश।
क्या बोले अधिकारी
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर डिजिटल फुट प्रिंट, सर्विलांस और बैंक खातों की मदद से जांच शुरू करा दी गई है। पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी कि युवक का पैसा जल्द से जल्द रिकवर हो जाए। -प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम / गोमती जोन
साइबर फ्रॉड हो तो तत्काल ये करें
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- https://cybercrime.gov.in/ पर पूरे विवरण के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
- नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क या जिला पुलिस की साइबर सेल या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- किसी के झांसे में न आएं। बंपर ऑफर, छूट, तगड़े मुनाफे के चक्कर में कभी न पड़े। विश्वसनीय स्रोत को ही ऑनलाइन भुगतान करें।
- साइबर फ्रॉड के मामले में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा रहती है।