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Cyber Crime: मैं कंपनी का सीनियर हूं... कहकर बनाया भरोसा, अकाउंटेंट से ठगे 1.47 लाख रुपये; जांच में जुटी पुलिस
Thu, 16 Jul 2026 11:27 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:27 PM IST
सार
Varanasi News: फर्जी ‘सीनियर’ के एक फोन ने अकाउंटेंट से 1.47 लाख रुपये ठगे। मामले में शिकायत के बाद भी धनराशि वापस नहीं मिल सकी। अब पीड़ित की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस जांच कर रही है।
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cyber crime
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
नई नौकरी शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद प्रिया तिवारी साइबर ठगों के जाल में फंस गई और 1.47 लाख रुपये गंवा बैठी। ठग ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर पहले विश्वास जीता, फिर खाते में रुपये भेजने का फर्जी संदेश दिखाकर अलग-अलग माध्यमों से रकम ट्रांसफर करा ली। शिकायत के बाद भी धनराशि वापस नहीं मिल सकी। कैंट थाना पुलिस जांच कर रही है।
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क्या है पूरा मामला
बलिया निवासी प्रिया तिवारी ने तहरीर में बताया कि वह 13 मार्च 2026 को नदेसर के टेक्नोक्रेट्स एंड सॉल्यूशन कंपनी में अकाउंटेंट नियुक्त थीं। सात अप्रैल की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी प्रांजल बताते हुए कहा कि नेटवर्क की समस्या के कारण वह दूसरे नंबर से बात कर रहा है।
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ठग ने प्रिया से कहा कि उसने उनके खाते में 55 हजार और 25 हजार रुपये भेजे हैं और वह रकम तत्काल दूसरे मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दें। इसी दौरान प्रिया के मोबाइल पर खाते में रुपये जमा होने जैसा टेक्स्ट मैसेज भी आया, जिससे उन्हें बात पर विश्वास हो गया।
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उन्होंने पहले फोनपे के जरिए भुगतान किया। बाद में तकनीकी दिक्कत बताकर ठग ने क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के माध्यम से भी रकम भेजने को कहा। उसके निर्देश पर प्रिया ने कुल 1,47,147 रुपये अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर कर दिए।
रकम भेजने के बाद ठग ने सभी भुगतान के स्क्रीनशॉट दूसरे मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए भेजने को कहा, जिसे प्रिया ने भेज दिया। कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति ने फोन किया था, वह कंपनी का कोई अधिकारी नहीं, बल्कि साइबर ठग था। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।