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Varanasi News: लाट भैरव मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों का एआई वीडियो वायरल करने में प्राथमिकी दर्ज
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लाट भैरव के विवाहोत्सव में पुलिसकर्मियों के आर्केस्ट्रा देखने का किया गया था दावा, अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। लाट भैरव के तिलकोत्सव और विवाहोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के आर्केस्ट्रा देखने और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुलिस ने जांच की। जांच के बाद पुलिस ने उसे एआई जनरेटेड बताया है। मामले में उपनिरीक्षक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब वीडियो प्रसारित करने वालों की पहचान में जुटी है।
तहरीर में लाट भैरव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बलिराम यादव ने बताया कि के 23 से 27 सितंबर तक बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव और विवाहोत्सव हुआ था। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों के नृत्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें नृत्य कर रही महिलाओं के पीछे पुलिसकर्मियों के दृश्य दिखाते हुए दावा किया गया कि वे ड्यूटी के दौरान आर्केस्ट्रा देख रहे थे।
चौकी प्रभारी की तहरीर के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो में कलाकारों के पीछे पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दे रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वायरल वीडियो एआई की मदद से तैयार कर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वालों की पहचान कर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लाट भैरव समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बताया कि बाबा के विवाह और अगले दिन दो दिवसीय नगर वधुओं के नृत्य की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा है। इसी दो दिनों के अंदर का वीडियो है। नृत्य के जरिये वे बाबा से प्रार्थना करती हैं कि उन्हें अगले जन्म में नगर वधू का जीवन या यह कलंक न सहना पड़े।
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कोट
वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है। जो पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। लाट भैरव के तिलकोत्सव और विवाहोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के आर्केस्ट्रा देखने और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पुलिस ने जांच की। जांच के बाद पुलिस ने उसे एआई जनरेटेड बताया है। मामले में उपनिरीक्षक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब वीडियो प्रसारित करने वालों की पहचान में जुटी है।
तहरीर में लाट भैरव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बलिराम यादव ने बताया कि के 23 से 27 सितंबर तक बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव और विवाहोत्सव हुआ था। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों के नृत्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें नृत्य कर रही महिलाओं के पीछे पुलिसकर्मियों के दृश्य दिखाते हुए दावा किया गया कि वे ड्यूटी के दौरान आर्केस्ट्रा देख रहे थे।
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चौकी प्रभारी की तहरीर के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो में कलाकारों के पीछे पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दे रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वायरल वीडियो एआई की मदद से तैयार कर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वालों की पहचान कर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लाट भैरव समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बताया कि बाबा के विवाह और अगले दिन दो दिवसीय नगर वधुओं के नृत्य की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा है। इसी दो दिनों के अंदर का वीडियो है। नृत्य के जरिये वे बाबा से प्रार्थना करती हैं कि उन्हें अगले जन्म में नगर वधू का जीवन या यह कलंक न सहना पड़े।
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कोट
वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है। जो पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। भ्रामक वीडियो वायरल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन