{"_id":"5bf2e646bdec22694b42c710","slug":"crpf-personnel-commit-suicide-after-he-cant-get-leave","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सन्न रह गए अफसर जब छुट्टी नहीं मिली तो सीआरपीएफ के जवान ने उठाया खौफनाक कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सन्न रह गए अफसर जब छुट्टी नहीं मिली तो सीआरपीएफ के जवान ने उठाया खौफनाक कदम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ में चुनावी ड्यूटी के लिए गए सीआरपीएफ के जवान ने सोमवार को अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सीआरपीएफ का जवान राजीव सिंह यूपी के चंदौली जिले का निवासी था। आत्महत्या की सूचना के बाद से जवान के घर में कोहराम मचा हुआ है। इस खबर से पूरे गांव में मातम है।
जवान ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि परिवार वाले छुट्टी न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। मंगलवार को जवान का शव गांव में पहुंचेगा।
जमुनीपुर निवासी रामअवध सिंह के दो पुत्रों में राजीव सिंह छोटे थे। रामअवध के बड़े बेटे संजय सिंह बिहार में शिक्षक है।
राजीव वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 2007 में उनका विवाह जमानियां गाजीपुर के तारनबारन गांव की रिंकी के साथ हुआ था। इसी वर्ष की शुरुआत में राजीव की तैनाती 148वीं बटालियन साहुपुरी में हुई। छत्तीसगढ़ में चुनावी ड्यूटी पर भेजा गया था। तीन माह पहले ही राजीव पिता बना था।
विज्ञापन
बच्ची के जन्म के बाद से ही पत्नी मायके में है। बावजूद उसे छुट्टी नहीं मिली। इससे राजीव निराश थे। माना जा रहा है कि इससे उबकर उसने घातक कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, जवान का पार्थिव शरीर छत्तीसगढ़ से ले जाया जा चुका है। दिल्ली से बाबतपुर, फिर साहूपुरी और वहां से गांव लाया जाएगा।
विज्ञापन
जवान ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि परिवार वाले छुट्टी न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। मंगलवार को जवान का शव गांव में पहुंचेगा।
विज्ञापन
जमुनीपुर निवासी रामअवध सिंह के दो पुत्रों में राजीव सिंह छोटे थे। रामअवध के बड़े बेटे संजय सिंह बिहार में शिक्षक है।
राजीव वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 2007 में उनका विवाह जमानियां गाजीपुर के तारनबारन गांव की रिंकी के साथ हुआ था। इसी वर्ष की शुरुआत में राजीव की तैनाती 148वीं बटालियन साहुपुरी में हुई। छत्तीसगढ़ में चुनावी ड्यूटी पर भेजा गया था। तीन माह पहले ही राजीव पिता बना था।
विज्ञापन
बच्ची के जन्म के बाद से ही पत्नी मायके में है। बावजूद उसे छुट्टी नहीं मिली। इससे राजीव निराश थे। माना जा रहा है कि इससे उबकर उसने घातक कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक, जवान का पार्थिव शरीर छत्तीसगढ़ से ले जाया जा चुका है। दिल्ली से बाबतपुर, फिर साहूपुरी और वहां से गांव लाया जाएगा।
सेना के जवान का शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
पंजाब के भटिंडा में तैनात सेना में हवलदार राम लच्छन यादव का शव सोमवार को उसके लक्ष्मणगढ़ स्थित आवास पर पहुंचा। सोमवार को शव गांव में पहुंचते ही परिवार वालों को कोहराम मच गया। शव यात्रा निकाली गई और बलुआ घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसके पूर्व पुलिस और अधिकारियों ने जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
लक्ष्मणगढ़ निवासी रामलखन यादव का पुत्र राम लच्छन यादव सेना में पंजाब के भटिंडा में हवलदार के पद पर तैनात थे। 15 नवंबर को वह छुट्टी लेकर घर के लिए चला था। रास्ते में बुडाला रेलवे स्टेशन के समीप उसकी मौत हो गई। उसका शव रेलवे पटरी पर मिला। जीआरपी ने सेना को सूचना दी। सेना के जवानों ने परिवार वालों को सूचित किया।
सोमवार की सुबह रामलच्छन का शव गांव में पहुंचे तो परिवार वालों की चित्कार गुंज उठी। पत्नी चिंता देवी, मां इंद्रावती, पिता रामरतन, पुत्र सचिन और संदीप का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। दोपहर में जवान की शव यात्रा निकाली गई। बलुआ घाट पर छोटे बेटे संदीप ने पिता को मुखाग्नि दी।
लक्ष्मणगढ़ निवासी रामलखन यादव का पुत्र राम लच्छन यादव सेना में पंजाब के भटिंडा में हवलदार के पद पर तैनात थे। 15 नवंबर को वह छुट्टी लेकर घर के लिए चला था। रास्ते में बुडाला रेलवे स्टेशन के समीप उसकी मौत हो गई। उसका शव रेलवे पटरी पर मिला। जीआरपी ने सेना को सूचना दी। सेना के जवानों ने परिवार वालों को सूचित किया।
सोमवार की सुबह रामलच्छन का शव गांव में पहुंचे तो परिवार वालों की चित्कार गुंज उठी। पत्नी चिंता देवी, मां इंद्रावती, पिता रामरतन, पुत्र सचिन और संदीप का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। दोपहर में जवान की शव यात्रा निकाली गई। बलुआ घाट पर छोटे बेटे संदीप ने पिता को मुखाग्नि दी।