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अरसे से फरार इनामी बदमाश बने कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती, वाराणसी पुलिस के हाथ खाली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:55 AM IST
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अरसे से फरार इनामी बदमाशों पर वाराणसी जिले की पुलिस का वश नहीं चल पा रहा है और वो कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिन्हें फरार हुए एक दशक से ज्यादा का समय बीत गया। लंबे समय से इन बदमाशों की हाल-फिलहाल की कोई ऐसी फोटो भी पुलिस के पास नहीं हैं कि वो सामने आएंगे तो उन्हें आसानी से पहचान लिया जाएगा।
इसकी बानगी अक्तूबर, 2017 में देखी जा चुकी है जब राजकुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा भाग्य भरोसे चेतगंज पुलिस के हत्थे चढ़ा था तो काफी देर तक उसकी शिनाख्त ही नहीं की जा सकी थी। लंबे समय से फरार इनामी बदमाशों के संबंध में जिला पुलिस की इस तरह की कार्यशैली और असफल सूचना तंत्र गंभीर सवालों के घेरे में है।
जिले की पुलिस ने मौजूदा वर्ष में अब तक 42 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनमें से अकेले नवंबर महीने में 50 हजार के चार, 25 हजार के तीन, 15 हजार के एक और 12 हजार के एक इनामी बदमाश सहित नौ बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।
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वहीं, नवंबर महीने में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत टॉप 10 के 27 व टॉप फाइव के 15 अपराधी, छेड़खानी के 76 अरोपी, लूट में वांछित 10 और चार हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान महीने भर में पांच आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, गिरफ्त में आए इन बदमाशों में से कोई ऐसा नहीं था जो वर्षों से जिला पुलिस के लिए चुनौती बना रहा हो।
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इसकी बानगी अक्तूबर, 2017 में देखी जा चुकी है जब राजकुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा भाग्य भरोसे चेतगंज पुलिस के हत्थे चढ़ा था तो काफी देर तक उसकी शिनाख्त ही नहीं की जा सकी थी। लंबे समय से फरार इनामी बदमाशों के संबंध में जिला पुलिस की इस तरह की कार्यशैली और असफल सूचना तंत्र गंभीर सवालों के घेरे में है।
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जिले की पुलिस ने मौजूदा वर्ष में अब तक 42 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनमें से अकेले नवंबर महीने में 50 हजार के चार, 25 हजार के तीन, 15 हजार के एक और 12 हजार के एक इनामी बदमाश सहित नौ बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।
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वहीं, नवंबर महीने में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत टॉप 10 के 27 व टॉप फाइव के 15 अपराधी, छेड़खानी के 76 अरोपी, लूट में वांछित 10 और चार हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान महीने भर में पांच आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, गिरफ्त में आए इन बदमाशों में से कोई ऐसा नहीं था जो वर्षों से जिला पुलिस के लिए चुनौती बना रहा हो।
ये हैं फरार अपराधी
वर्ष - बदमाश - इनाम
1997 - अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर - दो लाख
1997 - सहाबुद्दीन दो लाख
1997 - रमेश चौबे ढाई हजार
1998 - राजकुमार उर्फ कमलेश ढाई हजार
2003 - कन्हैया यादव पांच हजार
2004 - राजेश मिश्रा उर्फ राजू चार हजार
2004 - शिव अवतार ढाई हजार
2005 - विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली 50 हजार
2005 - हारुन ढाई हजार
2006 - मो. शमीम उर्फ सरफराज 20 हजार
2007 - सतीश गुप्ता ढाई हजार
2008 - जावेद खान ढाई हजार
2009 - मनीष कुमार सिंह 50 हजार
2013 - इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी 50 हजार
1997 - अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर - दो लाख
1997 - सहाबुद्दीन दो लाख
1997 - रमेश चौबे ढाई हजार
1998 - राजकुमार उर्फ कमलेश ढाई हजार
2003 - कन्हैया यादव पांच हजार
2004 - राजेश मिश्रा उर्फ राजू चार हजार
2004 - शिव अवतार ढाई हजार
2005 - विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली 50 हजार
2005 - हारुन ढाई हजार
2006 - मो. शमीम उर्फ सरफराज 20 हजार
2007 - सतीश गुप्ता ढाई हजार
2008 - जावेद खान ढाई हजार
2009 - मनीष कुमार सिंह 50 हजार
2013 - इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी 50 हजार