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वाराणसी डकैती कांडः न 24 घंटे में खुलासा, न पाताल से खोज पाए बदमाश

Wed, 12 Apr 2017 12:10 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 12 Apr 2017 12:10 PM IST
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varanasi robbery: no any solid clue for police till now
पुलिस ने कुछ डकैतों के स्केच जारी किए। - फोटो : अमर उजाला
ठठेरी बाजार मोड़ स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान में करोड़ों की डकैती की घटना के खुलासे के लिए प्रदेश सरकार के मंत्रियों की ओर से किए गए दावे हवा-हवाई साबित हुए।
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वारदात की जानकारी मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने आईजी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों से बात की थी और 24 घंटे में घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
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अगले दिन प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर भी मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया कि बदमाश पाताल में भी होंगे तो पुलिस उन्हें ढूंढ निकालेगी लेकिन वारदात के 81 घंटे बाद भी उनके दावे का दम कहीं नजर नहीं आया। 
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जबकि, मौके पर पहुंचे मंत्रियों ने यह जानकारी दी थी कि घटना को लेकर सीएम बेहद गंभीर हैं। उनके निर्देश पर ही वे यहां आए हैं। पुलिस उच्चाधिकारियों से कहा था कि भाजपा सरकार में कार्रवाई का फर्क दिखना चाहिए।

हालांकि मीडिया के सामने बयान देने के बाद दोनों मंत्रियों ने दोबारा घटना को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मंगलवार को चौक ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य व्यापारियों और आम लोगों में मंत्रियों के हवा-हवाई दावे चर्चा में रहे। 

वारदात के 81 घंटे बाद भी अंधेरे में तीर मार रही पुलिस

varanasi robbery: no any solid clue for police till now
chori - फोटो : amarujala
ताबड़तोड़ छापेमारी... संदिग्धों से पूछताछ... जेलों में कैद बदमाशों से सुरागकशी... मुखबिरों का जाल... सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज से पड़ताल...। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की एक्सपर्ट टीमें। वाराणसी समेत आसपास के जिलों के तेजतर्रार इंस्पेक्टर।

शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक की ओर से लगातार निगरानी। सूबे के दो-दो मंत्रियों की मॉनीटरिंग। इतना सबके बाद भी नतीजा सिफर। चौक की ठठेरी बाजार गली स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान में डकैती की वारदात के 81 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

गिरफ्तारी और जेवरात की बरामदगी तो दूर अब तक पुलिस इस निष्कर्ष पर भी नहीं पहुंच पाई है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश कौन थे। जबकि, 16 टीमें तीन दिनों से वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ ही पश्चिमी यूपी से बिहार तक के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। 42 दूकानों के सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के अलावा बदमाशों का स्केच भी जारी हो चुका है।

चौक थाना से चंद कदम दूर ठठेरी बाजार मोड़ स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान में पिछले शनिवार को दोपहर बाद 4:20 बजे के करीब बदमाशों ने धावा बोला था। संजय को गन प्वाइंट पर लेकर बदमाश तीन करोड़ साठ लाख रुपये से ज्यादा कीमत के जेवरात लूट ले गए थे।

सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के बाद पुलिस को पता चला था कि वारदात में दस बदमाश शामिल थे। इनमें दो का स्केच सोमवार को ही पुलिस ने जारी किया था। मंगलवार को भी बदमाशों की शिनाख्त की कोशिशों के साथ ही सुरागकशी के लिए क्राइम ब्रांच, एसटीएफ और तेजतर्रार थानेदारों की टीमें दिन-रात लगी रहीं लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

अब तक मामले में वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ सहित आसपास के अन्य जिलों की जेलों में कैद बदमाशों के अलावा 55 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। 70 से ज्यादा लोगों से सामान्य तरीके से पूछताछ की गई।

सर्विलांस, सीडीआर, मुखबिर, खुफिया तंत्र के जरिए भी पड़ताल जारी है लेकिन ये सारी कवायद अब तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि पुलिस टीमें लगी हुई हैं। संभावना है कि जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। 
 

बदमाशों के जारी स्केच में एक का हुलिया रईस बनारसी जैसा

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पुलिस ने कुछ डकैतों के स्केच जारी किए। - फोटो : अमर उजाला
ठठेरी बाजार मोड़ स्थित सर्राफ संजय अग्रवाल की दूकान से करोड़ों की डकैती करने वाले बदमाशों में शातिर रईस बनारसी के भी शामिल होने का शक और गहरा गया है। बदमाशों का जो स्केच जारी किया गया है, उनमें एक की शक्ल काफी कुछ रईस से मिलती-जुलती है।

अक्तूबर 2015 में वाराणसी से बरेली जेल ले जाते समय शाहजहांपुर में पुलिस को चकमा देकर रईस फरार हो गया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश है। अब क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने उसे दबोचने के लिए नए सिरे से घेरेबंदी की है। कुछ दिनों पहले फरार चल रहे रईस को लोहता इलाके में देखे जाने की बात सामने आई थी।

वाराणसी के दशाश्वमेध, रामापुरा, दालमंडी, चौक और लोहता के अलावा आसपास के जिलों में रईस की गतिविधियां रही हैं। फरारी के बाद से कानपुर, इलाहाबाद और सोनभद्र में उसकी चहलकदमी की भनक पुलिस को मिली थी लेकिन उसे दबोचने में कामयाबी नहीं मिली।

पुलिस सूत्रों की मानें तो फरारी के बाद पहचान में न आने के लिए रईस ने अपना हुलिया काफी बदल लिया है। पुलिस के पास उसका पुराना फोटो है। ऐसे में वह चकमा देकर निकल जाता है और पुलिस उसे पहचान नहीं पाती।

पुलिस को आशंका है कि मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह के गुर्गे भी अब रईस के साथ आ गए हैं। दालमंडी इलाका पहले भी रईस की गतिविधियों का केंद्र रहा है। मंगलवार को जब दशाश्वमेध, रामापुरा, दालमंडी, चौक और लोहता क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की ओर से जारी किए बदमाशों के स्केच देखा तो यही चर्चा रही कि इनमें एक रईस जैसा है।

इस बारे में एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। पुलिस की कोशिश जल्द से जल्द बदमाशों को दबोचने की है।  
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