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वाराणसी में पुलिस की बर्बरता, चोरी कबूलवाने के लिए इस्तेमाल की ‘थर्ड डिग्री’

Wed, 01 Feb 2017 09:10 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 01 Feb 2017 09:10 PM IST
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varanasi police implimented third dgree torchar to inocent thief
दशाश्वमेध थाने से जुड़ा मामला - फोटो : demo photo
वाराणसी में पुलिस का खौफनाक-संवेदनहीन चेहरा बुधवार को बेनकाब हो गया। पांडेय घाट निवासी दूकानदार राजेश कसेरा (44) को पुलिस घर से बुलाकर दशाश्वमेध थाने ले गई। राजेश से कहा गया कि वह नारद घाट में हुई चोरी में शामिल था, यह बात स्वीकारे।
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राजेश ने मना किया तो उसे पुलिस ने डंडे से इस कदर पीटा कि कमर के नीचे शरीर की चमड़ी तक उधड़ गई। मुहल्ले के लोग थाने पहुंचे और विरोध जताया तो पुलिस ने उसे छोड़ दिया। राजेश की फोटो और घटना का विवरण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस बैकफुट पर आ गई।
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पुलिस द्वारा बर्बरता से की गई पिटाई के कारण राजेश का उठना-बैठना और लेटना तक मुहाल हो गया है। पांडेय घाट पर लगेज बैग की दूकान चलाने वाले राजेश कसेरा ने बताया कि बीते साल अक्तूबर में नारद घाट पर एक मकान में चोरी हुई थी।
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तब से लेकर अब तक पुलिस उससे 15 से 20 बार पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे दशाश्वमेध थाने के एक दरोगा उसे अपने साथ थाने ले गए। राजेश का आरोप है कि थाने पर दरोगा ने उससे चोरी में शामिल होने की बात कबूल करने का दबाव बनाया।
उसने आनाकानी की तो सिपाहियों ने उसके हाथ-पैर पकड़ कर उसे उल्टा कर जमीन पर लेटा दिया और फिर दरोगा सहित सब उस पर लाठी लेकर टूट पड़े। जब वह निढाल पड़ गया तो उसे हवालात में डाल दिया गया।
रात 10 बजे तक राजेश घर नहीं पहुंचा तो घरवाले मुहल्ले के लोगों के साथ दशाश्वमेध थाने पहुंचे। लोगों का विरोध देख पुलिस ने राजेश को छोड़ दिया।

varanasi police implimented third dgree torchar to inocent thief
मंडलीय अस्पताल में राजेश का मेडिकल मुआयना हुआ - फोटो : अमर उजाला
बुधवार की सुबह राजेश अपना मेडिकल मुआयना कराने मंडलीय अस्पताल पहुंचा तो उसे मना कर दिया गया।
मामले की जानकारी कैंट विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव को मिली तो उन्होंने एसएसपी नितिन तिवारी से बात की।
विधायक ने बताया कि एसएसपी जरूरी काम से दिल्ली गए हैं। गुरुवार को लौट आएंगे, शाम पांच बजे उन्होंने राजेश को अपने कैंप कार्यालय पर बुलाया है। इसके बाद विधायक के कहने पर मंडलीय अस्पताल में राजेश का मेडिकल मुआयना हुआ।
वहीं, घटना के संबंध में सीओ दशाश्वमेध सत्येंद्र तिवारी ने पूरी तरह अनभिज्ञता जताई जबकि इंस्पेक्टर दशाश्वमेध का कहना था कि मुहल्ले में ही विवाद की बात सामने आने पर राजेश और दूसरे पक्ष को थाने पर बुलाया गया था।
कुछ देर बाद ही दोनों पक्षों को समझाबुझाकर भेज दिया गया था।
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