फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   varanasi: Gang stealing things from cars in the clutch

कारों से सामान चुराने वाला गिरोह वाराणसी पुलिस के शिकंजे में 

Fri, 23 Dec 2016 12:11 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Fri, 23 Dec 2016 12:11 PM IST
विज्ञापन
varanasi: Gang stealing things from cars in the clutch
up police - फोटो : अमर उजाला
कारों का शीशा तोड़कर बैग व अन्य सामान्य चुराने वाले गिरोह को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। गुरुवार को इस गिरोह के दो पुरुष, तीन महिलाएं और तीन किशोर सारनाथ रेलवे स्टेशन के समीप पकड़े गए। सभी महाराष्ट्र के नांदुरवार जिले के हैं।
विज्ञापन


इनके पास से दो देशी कट्टा, चार कारतूस, एक टैबलेट, 13 मोबाइल, पांच हजार नकद, तीन कलाई घड़ी और करीब तीन लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुए। अदालत में पेश करने के बाद किशोर बाल संरक्षण गृह भेजे गए जबकि पांच अन्य को जिला जेल भेजा गया।
विज्ञापन


एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन में बताया कि चार पहिया वाहनों का शीशा तोड़कर सामान चुराने की कई घटनाएं हाल में सामने आई थीं। खुलासे की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह गुरुवार दोपहर मुखबिर से सूचना पाकर एसआई राकेश सिंह, कांस्टेबल रामानंद यादव, रामभवन और सुमंत सिंह सहित टीम के साथ सारनाथ स्टेशन के पास पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


खुद को घिरता देख सभी स्टेशन की बाउंड्री के सहारे भागने लगे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तीन किशोरों को छोड़ अन्य महाराष्ट्र के नांदुरवार जिले के नवापुर थाने के बाकीपाड़ा के विश्वनाथ नायडू, वेंकटेश, संतोषी, शारदा और दुर्गा थीं। सभी घुमक्कड़ी प्रवृत्ति के हैं। साल भर गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में घूमते रहते हैं।

 

चार भाषा के थे जानकार, रहते थे टेंट लगाकर

varanasi: Gang stealing things from cars in the clutch
अपराध - फोटो : अमर उजाला
सभी ने स्वीकारा कि काफी देर से खड़ी कारों के आसपास किसी को न देखकर तोड़कर सामान लेकर भाग निकलते थे। सभी ट्रेन से गोरखपुर निकलने वाले थे। एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।


पूछताछ में सामने आया कि आठों आरोपी कन्नड़, तेलगू, मराठी और हिंदी अच्छे से जानते हैं। सभी परिवार सहित रेलवे स्टेशनोें के आसपास टेंट लगाकर रहते थे ताकि किसी को शक न हो। एक से डेढ़ महीने किसी शहर में रहकर दूसरे शहर की ओर रुख कर जाते थे।

सभी के पास से चार पहिया वाहनों के शीशे तोड़ने में काम आने वाली गुलेल और लोहे के कांटे में लगी लंबी तांत, छर्रा और टॉर्च भी बरामद हुआ है।

आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह के देवा, जीवा, राहुल और कन्ना गुरुवार सुबह ही गोरखपुर भाग गए हैं। क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि भागे आरोपियों का हुलिया सहित अन्य ब्यौरा ले लिया गया है। एक टीम गोरखपुर भेजकर उनको भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed