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फुलप्रूफ प्लानिंग के साथ हुई थी बनारस की सबसे बड़ी डकैती

Sun, 09 Apr 2017 04:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 09 Apr 2017 04:57 PM IST
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Varanasi biggest robbery happened with full proof planning
loot in varanasi - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के ठठेरी बाजार गली के मोड़ पर स्थित संजय अग्रवाल की सराफा दूकान में योजनाबद्ध तरीके से रेकी के बाद डकैती डाली गई। दो दिन से बदमाश रेकी में जुटे थे। कब, कहां, कितनी भीड़ रहती है। किधर से भागना मुफीद रहेगा। पुलिस कहां तैनात रहती है।

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दूकान में सीसीटीवी कैमरा लगा है या नहीं, इन सभी बिंदुओं की उन्हें पूरी जानकारी थी। संजय के कर्मचारियों का दावा है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों में दो उनकी दूकान पर शुक्रवार को भी आए थे। जेवरात देखने के नाम पर उन्होंने करीब घंटे भर बिताया और बिना कुछ खरीदारी किए लौट गए।

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पता चला है कि गली में ही कुछ दूरी पर स्थित संजय की बहन की सराफा दूकान में भी शुक्रवार को पांच बदमाश रेकी के लिए पहुंचे थे। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में गिना जाने वाला चौक-ठठेरी बाजार इलाके में दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर जितनी सफाई से बदमाश भाग निकले, उससे पुलिस भी हैरान है।

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संजय की दूकान में डकैती की जानकारी पाकर उनके घर से कुछ ही दूरी पर रहने वाली उनकी बहन भी पहुंचीं। उनकी भी सराफा की दूकान है। संजय के कर्मचारियों ने जब उन्हेें बदमाशों का हुलिया बताया तो उन्होंने कहा कि ठीक इसी कद काठी के बदमाश पांच की संख्या में उनकी दूकान में शुक्रवार को आए थे।

 

खरीदारी के नाम पर काफी देर तक इधर-उधर बातें कीं और बारीकी से दूकान को देखते रहे। फिर बिना कुछ खरीदे ही लौट गए। इस जानकारी पर क्राइम ब्रांच ने संजय की बहन की दूकान का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। छानबीन में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में किसी स्थानीय के भी शामिल होने का शक है।
 

तकनीकी जानकार थे बदमाश, उम्र 25 से 30 के बीच

Varanasi biggest robbery happened with full proof planning
loot in varanasi - फोटो : अमर उजाला

बिना सटीक मुखबिरी और पूरी जानकारी के इस तरह वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सकता था। बीच बाजार दिनदहाड़े वारदात से कारोबारी दहशत में हैं। प्रभारी एसएसपी आशीष तिवारी ने क्राइम ब्रांच के एसआई राकेश सिंह को हाल ही में लूट और डकैती के मामले में जेल से जमानत पर छूटे बदमाशों का ब्यौरा जुटाने का निर्देश दिया।
 

वहीं, क्राइम ब्रांच की एक अन्य टीम को चौक, दशाश्वमेध और कोतवाली क्षेत्र के संदिग्धों और छुटभैयों से पूछताछ के लिए लगाया गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह को ठठेरी बाजार मोड़ के चौतरफा पांच सौ मीटर दूरी तक की दूकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जुटाने का निर्देश दिया गया है।

बदमाशों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी। पांच का चेहरा खुला था जबकि एक का ढंका था। इससे पुलिस को आशंका है कि जो चेहरा ढंके था, वह इलाके का ही रहने वाला होगा। पहचान सार्वजनिक न होने पाए, इसलिए उसने ऐसा किया होगा।

सभी की भाषा भी स्थानीय थी। बदमाशों को तकनीकी जानकारी भी थी। सीसीटीवी कैमरे के साथ ही फुटेज नष्ट करने के लिए उसके डीवीआर को भी तोड़ डाला। हालांकि पुलिस का कहना है कि डीवीआर की हार्ड डिस्क से सब कुछ स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

अपराधियों और मुखबिरों के मकड़जाल में घिरा है सराफा बाजार

Varanasi biggest robbery happened with full proof planning
लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
शहर का सराफा बाजार अपराधियों और उनके मुखबिरों के मकड़जाल में घिरा हुआ है। अपराधियों के मुखबिरों में से सराफा कारोबारियों के यहां काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही मंडी में बेवजह इधर-उधर घूम फिर कर टोह लेने वाले भी शामिल रहते हैं।

सराफा मंडी से ही हुई मुखबिरी की बदौलत बीते चार अप्रैल को मैदागिन से ऑटो पकड़कर जा रहे पटना निवासी सर्राफ की गोली मार कर चंदौली के डांडी में बदमाशों ने हत्या कर दी थी और दूसरे कारोबारी से 17 किलोग्राम चांदी लूट ली थी।

छह अप्रैल को घटना के खुलासे के दौरान पुलिस का ही कहना था कि सराफा मंडी का मुखबिरी का मकड़जाल खत्म हो तो आभूषण कारोबारियों के साथ आपराधिक घटनाओं में कमी आए।


चौक क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े हुई डकैती की घटना को जिसने सुना वह सन्न रह गया। इसके पहले बीते साल सितंबर महीने में नाटीइमली क्षेत्र में बदमाशों ने एक कूरियर कंपनी के कर्मचारी को गोली मारकर 27.50 लाख रुपया लूट लिया था।

26 दिसंबर 2014 को बेनियाबाग में तीन सिपाहियों सहित सात बदमाशों ने शहर आए मुंबई के कारोबारी बागाराम माली से एक करोड़ आठ लाख रुपये मूल्य का सोने का बिस्किट लूट लिया था। पुलिस ने लूटा गया सोना बरामद किया तो सामने आया कि बागाराम के दोस्त तोलाराम ने ही घटना की साजिश रची थी।

जुलाई 2014 में चेतगंज क्षेत्र के एक गल्ला व्यवसायी के कार्यालय में घुसकर बदमाशों ने 45 लाख रुपया लूट लिया था। इसके पहले वर्ष 2011 में पांच बदमाशोें ने महमूरगंज क्षेत्र में गार्ड को गोली मारकर एटीएम में भरने के लिए ले जाया जा रहा 59 लाख रुपया लूट लिया था।

इसके साथ ही चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारियों से लूट, छिनैती और उचक्कागीरी की घटनाएं आम बात हैं। प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने कहा कि ऐसी वारदातोें को अंजाम देने वाले अपराधियों को सूचीबद्ध किया गया है। तफ्तीश के साथ ही संदिग्धों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है।
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