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वारदातों के खुलासे में बनारस, बलिया और मऊ फिसड्डी, जानिए कहां पुलिस ने किया अच्छा काम
amarujala.com- Written by: पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Tue, 09 May 2017 05:51 PM IST
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लूट के खुलासे के बाद पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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योगी सरकार की सख्ती के बावजूद वाराणसी जोन की पुलिस इनामी बदमाशों और लुटेरों पर शिकंजा नहीं कस पा रही है। इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी में जोन के दस जिलों में सोनभद्र-मिर्जापुर को छोड़कर बाकी कोई ऐसा जिला नहीं, जिसके प्रदर्शन को औसत दर्जे का भी माना जाए।
लूट की वारदातों के खुलासे मेें सोनभद्र और मिर्जापुर पुलिस सबसे आगे है जबकि बनारस, बलिया, मऊ और चंदौली सबसे पीछे। वाराणसी जोन के दस जिलों में पिछले चार महीनों में लूट की 115 वारदातें हुईं और पुलिस अब तक सिर्फ 55 मामलों का खुलासा कर पाई है।
जोन के 213 इनामी बदमाशों में महज 59 की गिरफ्तारी हो पाई है। अलग-अलग जिलों में 135 इनामी बदमाश अब भी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हैं।
बीते एक जनवरी से 30 अप्रैल तक जोन के दस जिलों में हुईं गंभीर आपराधिक वारदातों और उनके खुलासे के आंकड़ों पर गौर करें तो हालात चौंकाने वाले हैं। कामचलाऊ प्रदर्शन के जरिए पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है।
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उच्चाधिकारियों की मॉनीटरिंग के बावजूद वाराणसी के हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहां लूट की 24 घटनाएं हुईं और खुलासा मात्र आठ का हुआ। ऐसे ही चंदौली में लूट की छह और मऊ में दो वारदातों में एक का भी खुलासा नहीं हो पाया है।
बलिया पुलिस का हाल भी बेहतर नहीं। यहां 13 वारदातों में मात्र चार का खुलासा हुआ। वहीं, गाजीपुर पुलिस ने लूट की 17 में से 12 और जौनपुर पुलिस ने दस में पांच वारदातों का खुलासा किया।
आजमगढ़ पुलिस ने 34 वारदातों में से 20 का खुलासा किया। मिर्जापुर में इस दौरान दो और सोनभद्र में तीन लूट हुई, जिनका पुलिस ने खुलासा कर दिया। भदोही में दो वारदातों में से सिर्फ एक का खुलासा हुआ।
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लूट की वारदातों के खुलासे मेें सोनभद्र और मिर्जापुर पुलिस सबसे आगे है जबकि बनारस, बलिया, मऊ और चंदौली सबसे पीछे। वाराणसी जोन के दस जिलों में पिछले चार महीनों में लूट की 115 वारदातें हुईं और पुलिस अब तक सिर्फ 55 मामलों का खुलासा कर पाई है।
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जोन के 213 इनामी बदमाशों में महज 59 की गिरफ्तारी हो पाई है। अलग-अलग जिलों में 135 इनामी बदमाश अब भी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हैं।
बीते एक जनवरी से 30 अप्रैल तक जोन के दस जिलों में हुईं गंभीर आपराधिक वारदातों और उनके खुलासे के आंकड़ों पर गौर करें तो हालात चौंकाने वाले हैं। कामचलाऊ प्रदर्शन के जरिए पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है।
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उच्चाधिकारियों की मॉनीटरिंग के बावजूद वाराणसी के हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहां लूट की 24 घटनाएं हुईं और खुलासा मात्र आठ का हुआ। ऐसे ही चंदौली में लूट की छह और मऊ में दो वारदातों में एक का भी खुलासा नहीं हो पाया है।
बलिया पुलिस का हाल भी बेहतर नहीं। यहां 13 वारदातों में मात्र चार का खुलासा हुआ। वहीं, गाजीपुर पुलिस ने लूट की 17 में से 12 और जौनपुर पुलिस ने दस में पांच वारदातों का खुलासा किया।
आजमगढ़ पुलिस ने 34 वारदातों में से 20 का खुलासा किया। मिर्जापुर में इस दौरान दो और सोनभद्र में तीन लूट हुई, जिनका पुलिस ने खुलासा कर दिया। भदोही में दो वारदातों में से सिर्फ एक का खुलासा हुआ।
वारदातों के खुलासे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
आईजी जोन डॉ. एन रविंद्र
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह, वाराणसी में 55 इनामी बदमाशों में 11 गिरफ्तार किए गए, तीन ने सरेंडर किया। चंदौली में 14 में से छह ने सरेंडर किया, बाकी फरार हैं। गाजीपुर के 17 इनामियों में छह गिरफ्तार हुए, एक ने सरेंडर किया।
जौनपुर के 30 अपराधियों में से छह गिरफ्तार हुए, चार ने सरेंडर किया। आजमगढ़ के 18 अपराधियों में से पांच जबकि मऊ के छह अपराधियों में से चार गिरफ्तार हुए। बलिया में 34 इनामियों में सिर्फ छह दबोचे गए।
सात ने सरेंडर किया। मिर्जापुर के 16 अपराधियों में तीन गिरफ्तार हुए। अलबत्ता, सोनभद्र में15 अपराधियों में से 11 को गिरफ्तार किया गया। भदोही के आठ अपराधी में महज एक की गिरफ्तारी हुई है।
आईजी जोन डॉ. एन रविंदर ने कहा कि पुलिस अधीक्षकों को ताकीद की गई है कि वे वारदातों के खुलासे और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाएं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जौनपुर के 30 अपराधियों में से छह गिरफ्तार हुए, चार ने सरेंडर किया। आजमगढ़ के 18 अपराधियों में से पांच जबकि मऊ के छह अपराधियों में से चार गिरफ्तार हुए। बलिया में 34 इनामियों में सिर्फ छह दबोचे गए।
सात ने सरेंडर किया। मिर्जापुर के 16 अपराधियों में तीन गिरफ्तार हुए। अलबत्ता, सोनभद्र में15 अपराधियों में से 11 को गिरफ्तार किया गया। भदोही के आठ अपराधी में महज एक की गिरफ्तारी हुई है।
आईजी जोन डॉ. एन रविंदर ने कहा कि पुलिस अधीक्षकों को ताकीद की गई है कि वे वारदातों के खुलासे और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाएं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।