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सारनाथ में पुरातात्विक महत्व की एक मूर्ति के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:26 PM IST
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बरामद मूर्ति का मूल्य भारतीय बाजार में लगभग एक करोड़ रुपये
- फोटो : अमर उजाला
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सारनाथ क्षेत्र से पाल वंशकालीन पुरातात्विक महत्व की 30 किलोग्राम की मूर्ति के साथ एसटीएफ ने गुरुवार को दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। मूर्ति तस्करों की शिनाख्त मथुरा की अजय विहार कॉलोनी रोंची बनगर रिफाइनरी के अरविंद सक्सेना और अंबेडकर कॉलोनी कृष्णा नगर के श्याम सिंह के तौर पर हुई है।
दोनों के पास से मूर्ति के साथ ही 22 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें सारनाथ पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। मूर्ति तस्करों के अनुसार बरामद मूर्ति का मूल्य भारतीय बाजार में लगभग एक करोड़ रुपये है।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली थी कि जिले और आसपास के इलाकों में पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की तस्करी की जा रही है।
इकाई के पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली कि गुरुवार को दो व्यक्ति पाल वंशकालीन पुरातात्विक महत्व की एक दुर्लभ मूर्ति बेचने वाराणसी आ रहे हैं।
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यह काले पत्थर की गरुड़ पर बैठे भगवान विष्णु की मूर्ति है। मुखबिरों को सक्रिय किया गया तो पता चला कि मूर्ति लेकर दोनों सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराना आरटीओ कार्यालय के समीप आ रहे हैं।
सूचना पर एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेष सिंह, इंस्पेक्टर पुनीत परिहार, एसआई अमित श्रीवास्तव ने घेरेबंदी की तो दो व्यक्ति एक बोरे में मूर्ति लपेटकर ले जाते हुए दिखाई दिए। दोनों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने बताया कि मूर्ति को मालदा से लाया गया और दिल्ली पहुंचाना था। मालदा से दिल्ली जाने के दौरान वाराणसी में इस धंधे से जुड़े लोगों से मुलाकात करने को रुके थे लेकिन तभी गिरफ्तार कर लिए गए।
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दोनों के पास से मूर्ति के साथ ही 22 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें सारनाथ पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। मूर्ति तस्करों के अनुसार बरामद मूर्ति का मूल्य भारतीय बाजार में लगभग एक करोड़ रुपये है।
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली थी कि जिले और आसपास के इलाकों में पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की तस्करी की जा रही है।
इकाई के पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली कि गुरुवार को दो व्यक्ति पाल वंशकालीन पुरातात्विक महत्व की एक दुर्लभ मूर्ति बेचने वाराणसी आ रहे हैं।
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यह काले पत्थर की गरुड़ पर बैठे भगवान विष्णु की मूर्ति है। मुखबिरों को सक्रिय किया गया तो पता चला कि मूर्ति लेकर दोनों सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराना आरटीओ कार्यालय के समीप आ रहे हैं।
सूचना पर एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेष सिंह, इंस्पेक्टर पुनीत परिहार, एसआई अमित श्रीवास्तव ने घेरेबंदी की तो दो व्यक्ति एक बोरे में मूर्ति लपेटकर ले जाते हुए दिखाई दिए। दोनों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने बताया कि मूर्ति को मालदा से लाया गया और दिल्ली पहुंचाना था। मालदा से दिल्ली जाने के दौरान वाराणसी में इस धंधे से जुड़े लोगों से मुलाकात करने को रुके थे लेकिन तभी गिरफ्तार कर लिए गए।