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योगी राजः शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति में दो जिलों के बीएसए सस्पेंड

Tue, 25 Apr 2017 02:56 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र
ब्यूरो,अमर उजाला,सोनभद्र Updated Tue, 25 Apr 2017 02:56 PM IST
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two bsa suspend after found the guilty of fals teacher recruitment
सोनभद्र के बीएसए अमरनाथ सिंह और मिर्जापुर के बीएसए मनभरन राम तत्काल प्रभाव से निलंबित
उत्तर प्रदेश शासन ने 16,448 सहायक अध्यापकों की भर्ती में सोनभद्र के बीएसए अमरनाथ सिंह और मिर्जापुर के बीएसए मनभरन राम को आठ फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षकों की नियुक्ति के समय मनभरन सोनभद्र में तैनात थे।
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उन्हें बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्घ किया गया है। इस मामले की जांच सितंबर 2016 से चल रही थी और 26 मार्च को वर्तमान बीएसए अमरनाथ ने आठों शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त कर दी थी। सोनभद्र डीएम पीके उपाध्याय ने दोनों बीएसए के निलंबन की पुष्टि की है। 
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में यूपी सरकार ने 16448 सहायक अध्यापकों की भर्ती शुरू की थी। तब यहां मनभरन राम राजभर बीएसए थे। इसके बाद उनका तबादला मिर्जापुर के लिए इसी पद पर हो गया और मिर्जापुर के तत्कालीन बीएसए अमरनाथ सिंह सोनभद्र आ गए।
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वह वर्तमान में भी यहां बीएसए हैं। नियुक्ति के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने तत्कालीन डीएम से शिकायत की थी कि बीएसए और संबंधित लिपिक की मिलीभगत से आठ शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति की गई है। तब तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच का आदेश एडीएम रामचंद्र को दिया।

एडीएम ने जब जांच की तो परत-दर-परत खुलती गई। फर्जी नियुक्ति के लिए विभागीय स्तर पर पत्रवालियों में जमकर खेल किया गया था। जांच के बाद एडीएम रामचंद्र ने सात फरवरी 2017 को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी।

फिर 26 मार्च को डीएम के निर्देश पर बीएसए अमरनाथ सिंह ने आठों शिक्षकों कौशांबी निवासी रश्मि तिवारी, राधेश्याम, रीनू देवी, उपेंद्र, फतेहपुर निवासी अंशू देवी, मंजू देवी, नीलू देवी और कानपुर नगर निवासी अंजू सिंह की नियुक्ति को निरस्त कर दिया।

डीएम ने इस मामले में कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शासन को भेज दिया था। सोमवार को शासन ने दोनों बीएसए को निलंबित कर दिया और उन्हें बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया है।

बिना काउंसलिंग कराए कर दी थी नियुक्ति

उत्तर प्रदेश शासन शिक्षा अनुभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बीएसए अमरनाथ सिंह और मिर्जापुर के बीएसए मनभरन राम राजभर के निलंबन का आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सहायक अध्यापकों की प्रथम व द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया की अवधि समाप्त होने के बाद कतिपय अभ्यर्थियों को बिना आनलाइन आवेदन किया एवं बिना काउंसिलिंग कराए अवैध ढंग से नियुक्त किया गया। प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित होने पर दोनों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।

डिस्पैच रजिस्टर बीएसए के मकान से मिला 

मिर्जापुर और सोनभद्र के बीएसए के निलंबन की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन सोमवार की शाम हरकत में आया। डिस्पैच रजिस्टर(डाक रजिस्टर) आदि की जानकारी जुटाने के लिए डीएम पीके उपाध्याय के निर्देश पर सीडीओ रामाश्रय सोमवार की शाम करीब सात बजे बीएसए दफ्तर पहुंच गए। पूछताछ में पता चला कि डिस्पैच रजिस्टर बीएसए ले गए हैं। इसपर उन्होंने लिपिक को बीएसए के घर भेजा, वहां पर डाक रजिस्टर मिलने पर सीडीओ ने बीएसए को फटकार लगाई। 

चर्चा है कि किसी ने डीएम को सूचना दे दी कि रात में पत्रावलियों में कोई छेड़छाड़ हो सकती है। इसपर उन्होंने शाम करीब सात बजे ही सीडीओ रामाश्रय को बीएसए कार्यालय उरमौरा भेज दिया। यहां उन्होंने पत्रावलियों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ की। ज्यादा समय न देकर जल्द ही वे फिर कलेक्ट्रेट लौट गए और डीएम को पूरे मामले से अवगत कराया।

चर्चा तो यहां तक है कि कार्रवाई की सूचना मिलने पर मिर्जापुर के वर्तमान बीएसए मनभरन राम राजभर भी यहां बीएसए दफ्तर के पास आ गए थे। हालांकि उनका वाहन दफ्तर से कुछ देर एक पेड़ के नीचे खड़ा रहा। सीडीओ ने पूछे जाने पर कहा कि उन्हें डीएम ने जो जिम्मेदारी सौंपी थी, वह करने के बाद वे लौट गए। हालांकि उन्होंने की गई किसी तरह की कार्रवाई के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी। 
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