प्रधान डाकघर से लाखों रुपये गायब, धोखाधड़ी के आरोप में तीन डाक सहायक निलंबित
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डाक विभाग में खाताधारकों के खाते से धोखाधड़ी कर रुपये निकाले जाने के मामले में पोस्ट मास्टर जनरल के निर्देश पर तीन डाक सहायकों को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में दूसरे दिन बुधवार को भी करीब दस से अधिक खाताधारक प्रधान डाकघर कैंट पहुंचे और इसकी शिकायत की।
अधीक्षक से मिलकर लोगों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद कार्यालय से बाहर आकर प्रदर्शन किया। अधीक्षक ने नियमानुसार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर लोग मानें। निलंबित डाक सहायकों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्रधान डाकघर कैंट पर करीब दस से अधिक ऐसे खाताधारक हैं, जिन्होंने एजेंट के माध्यम से अपने खातों में रुपये जमा कराए थे। किसी के खाते में एक लाख, दो लाख तो कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिसके खाते में दस लाख से अधिक की धनराशि जमा है। जब जरूरत पड़ी और खाते से रुपये निकालने पहुंचे तो पता चला कि उनके खातों से पहले से ही रुपये निकाले जा चुके हैं।
डाकघर पर शिकायत करने पहुंचे सदर बाजार निवासी रुखसाना बेगम, फुलवरिया से धीरू, अनु चौहान टकटकपुर, सविता द्विवेदी, अनीता सिंह आदि ने बताया कि रुपये किसने और कैसे निकाले, इस बारे में काउंटर पर पूछे जाने पर कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ऐसा किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच कराने को कहा। अब मामले की जांच शुरू हो गई है तो इस तरह के कई मामले सामने आते जा रहे हैं।
पोस्टमास्टर जनरल प्रणब कुमार ने बताया कि खाताधारकों की शिकायत के बाद तीन डाक सहायकों को निलंबित कर जांच शुरू करा दी गई है। विभागीय जांच के बाद जरूरत पड़ी तो दोषियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। जिस महिला ने मंगलवार को शिकायत की थी, उसने शपथ पत्र देकर कहा है कि पैसा खाते में मिल गया है।