{"_id":"6a886d259807a16167066025","slug":"dfgsfdg-grnoida-news-c-1-noi1095-4636263-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से ठगे 18 लाख, एटीएस अधिकारी बन भेजा फर्जी वारंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से ठगे 18 लाख, एटीएस अधिकारी बन भेजा फर्जी वारंट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-डिजिटल अरेस्ट रहते हुए बुजुर्ग ने दिल्ली स्थित बैंक में जाकर ट्रांसफर की रकम
- खुद को एटीएस अधिकारी बताकर भेजा गिरफ्तारी वारंट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने सेक्टर-77 स्थित सोसाइटी में रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग को जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और व्हाट्सएप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजकर कार्रवाई से बचने के नाम पर 18 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
ठगी का शिकार हुए शिव कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस पुणे का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड पर जारी मोबाइल सिम का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में किया गया है। कार्रवाई का डर दिखाकर आरोपी ने उन्हें लगातार बातचीत में उलझाए रखा और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपी ने कहा कि गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसकी कहें शर्तें मानें। कार्रवाई से बचने के लिए पीड़ित आरोपी की बात मानते रहे। इसके बाद एक बैंक खाते की जानकारी भेजकर उसमें 18 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
पीड़ित ने दिल्ली स्थित बैंक शाखा जाकर एक बैंक के खाते से आरटीजीएस के जरिये 18 लाख रुपये ठगों के खाते में भेज दिए। 17 जुलाई को उन्हें पता चला कि कॉल करने वाला कोई जांच अधिकारी नहीं, बल्कि साइबर ठग था। इसकी शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम टीम से की। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया मामले में जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- खुद को एटीएस अधिकारी बताकर भेजा गिरफ्तारी वारंट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने सेक्टर-77 स्थित सोसाइटी में रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग को जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और व्हाट्सएप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजकर कार्रवाई से बचने के नाम पर 18 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
ठगी का शिकार हुए शिव कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को उनके पास एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस पुणे का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड पर जारी मोबाइल सिम का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में किया गया है। कार्रवाई का डर दिखाकर आरोपी ने उन्हें लगातार बातचीत में उलझाए रखा और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपी ने कहा कि गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसकी कहें शर्तें मानें। कार्रवाई से बचने के लिए पीड़ित आरोपी की बात मानते रहे। इसके बाद एक बैंक खाते की जानकारी भेजकर उसमें 18 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
पीड़ित ने दिल्ली स्थित बैंक शाखा जाकर एक बैंक के खाते से आरटीजीएस के जरिये 18 लाख रुपये ठगों के खाते में भेज दिए। 17 जुलाई को उन्हें पता चला कि कॉल करने वाला कोई जांच अधिकारी नहीं, बल्कि साइबर ठग था। इसकी शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम टीम से की। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया मामले में जांच की जा रही है।
विज्ञापन