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बंदियों से मिले हुए थे जेलर-डिप्टी जेलर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:21 AM IST
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जिला जेल में बीते दो अप्रैल को हुए बवाल के मामले में डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने अपनी जांच रिपोर्ट में पूरे जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। आईजी जेल गोपाल गुप्ता को सौंपी रिपोर्ट में उन्होंने तत्कालीन जेलर विजय राय और डिप्टी जेलर अजय कुमार को दोषी ठहराया है।
कहा है कि ये दोनों जेल अधिकारी बंदियों से मिले हुए थे। इस रिपोर्ट के बाद जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पूरी साजिश बैरक नंबर 12 और 13 में रची गई थी। तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को एलआईयू ने हमले की चेतावनी दी थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बवाल के दौरान उनका गनर नहीं था।
बंदियों ने 30 अप्रैल को जेल में बवाल कर तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को बंधक बना लिया था। वह आशीष को हटाने की मांग कर रहे थे। हटाने का आदेश जारी करने के बाद उन्हें मुक्त किया गया। पूरे मामले की जांच डीआईजी जेल कर रहे थे। उन्होंने 25 जून को जांच रिपोर्ट आईजी जेल गोपाल गुप्ता को सौंपी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बंदी अजय यादव और राजेश यादव ने बवाल की साजिश रची थी। जेल के कुछ अधिकारियों को इसकी जानकारी थी लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की।
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कहा है कि ये दोनों जेल अधिकारी बंदियों से मिले हुए थे। इस रिपोर्ट के बाद जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पूरी साजिश बैरक नंबर 12 और 13 में रची गई थी। तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को एलआईयू ने हमले की चेतावनी दी थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बवाल के दौरान उनका गनर नहीं था।
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बंदियों ने 30 अप्रैल को जेल में बवाल कर तत्कालीन जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को बंधक बना लिया था। वह आशीष को हटाने की मांग कर रहे थे। हटाने का आदेश जारी करने के बाद उन्हें मुक्त किया गया। पूरे मामले की जांच डीआईजी जेल कर रहे थे। उन्होंने 25 जून को जांच रिपोर्ट आईजी जेल गोपाल गुप्ता को सौंपी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बंदी अजय यादव और राजेश यादव ने बवाल की साजिश रची थी। जेल के कुछ अधिकारियों को इसकी जानकारी थी लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की।
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