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मुगलसराय में तीन किलो सोने के बिस्किट के साथ तस्कर गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 02 Feb 2018 10:23 AM IST
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डीआरआई ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर से तस्कर को दबोच कर भेजा जेल
- फोटो : अमर उजाला
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सोने की तस्करी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर से बुधवार की रात राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने एक तस्कर को तीन किलोग्राम सोने के बिस्किट के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद सोना की कीमत 91.4 लाख रुपये बताई गई है। इसे म्यांमार और बांग्लादेश से तस्करी कर कोलकाता से नई दिल्ली ले जाया जा रहा था।
गिरफ्त में आए तस्कर की शिनाख्त मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के लोंहदी गांव निवासी विपत बिंद के तौर पर हुई है। डीआरआई की वाराणसी इकाई के सीनियर इंटेलिजेंस आफीसर आनंद राय ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि हावड़ा से कालका एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा एक तस्कर सोने की खेप लेकर मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर उतरेगा।
इसके बाद वह दूसरी ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होगा। इस सूचना पर मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर घेरेबंदी कर विपत बिंद को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि विपत तस्करी का सोना पहुंचाने के लिए कैरियर का काम करता है। उसे हावड़ा से मुगलसराय और मुगलसराय से दिल्ली जाने के लिए अलग-अलग ट्रेनों के चार टिकट और रास्ते का खर्च दिया गया था।
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सोना देने और लेने वालों के बारे में उसे कोई ठोस जानकारी नहीं है। रास्ते भर इस तस्करी से जुड़े लोग निगाह रखते हैं और निर्धारित स्थान पर पहुंचते ही सोने की खेप कोई अपरिचित शख्स आकर ले लेता। यदि वह सोना दिल्ली तक सकुशल पहुंचा देता तो उसे 10 हजार रुपये मिलते।
आनंद राय ने बताया कि विपत से मिली जानकारी के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की सुरागकशी की जा रही है। इससे पहले 30 जनवरी को मुगलसराय रेलवे स्टेशन से 13 किलो सोने के बिस्किट के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। बरामद हुआ सोना हावड़ा से कानपुर ले जाया जा रहा था।
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गिरफ्त में आए तस्कर की शिनाख्त मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के लोंहदी गांव निवासी विपत बिंद के तौर पर हुई है। डीआरआई की वाराणसी इकाई के सीनियर इंटेलिजेंस आफीसर आनंद राय ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि हावड़ा से कालका एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा एक तस्कर सोने की खेप लेकर मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर उतरेगा।
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इसके बाद वह दूसरी ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होगा। इस सूचना पर मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर घेरेबंदी कर विपत बिंद को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि विपत तस्करी का सोना पहुंचाने के लिए कैरियर का काम करता है। उसे हावड़ा से मुगलसराय और मुगलसराय से दिल्ली जाने के लिए अलग-अलग ट्रेनों के चार टिकट और रास्ते का खर्च दिया गया था।
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सोना देने और लेने वालों के बारे में उसे कोई ठोस जानकारी नहीं है। रास्ते भर इस तस्करी से जुड़े लोग निगाह रखते हैं और निर्धारित स्थान पर पहुंचते ही सोने की खेप कोई अपरिचित शख्स आकर ले लेता। यदि वह सोना दिल्ली तक सकुशल पहुंचा देता तो उसे 10 हजार रुपये मिलते।
आनंद राय ने बताया कि विपत से मिली जानकारी के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की सुरागकशी की जा रही है। इससे पहले 30 जनवरी को मुगलसराय रेलवे स्टेशन से 13 किलो सोने के बिस्किट के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। बरामद हुआ सोना हावड़ा से कानपुर ले जाया जा रहा था।