फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   sit investigate on sonbhadra case to since 1955 to massacre day ubhbha ghorawal

सोनभद्र : एसआईटी ने नरसंहार वाली जगह का लिया जायजा, 1955 से घटना के दिन तक हुई कार्रवाई की होगी जांच

Wed, 07 Aug 2019 07:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 07 Aug 2019 07:39 PM IST
विज्ञापन
sit investigate on sonbhadra case to since 1955 to massacre day ubhbha ghorawal
पीड़ितों से पूछताछ करती एसआईटी टीम। - फोटो : अमर उजाला

सोनभद्र के उभ्भा में गलत तरीके से हुए जमीन नामांतरण, इसके चलते हुए खूनी संघर्ष और उसमें दस आदिवासियों की मौत मामले में दर्ज एफआईआर के बाद जिले में पहुंची एसआईटी टीम ने जांच तेज कर दी है। बुधवार को जिलास्तरीय अधिकारियों से घटना की जानकारी लेने के बाद टीम दोपहर एक बजे उभ्भा गांव पहुंची।

विज्ञापन


यहां घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ग्रामीणों से वार्ता कर जरूरी जानकारी हासिल की। कोतवाली पहुंचकर भी मामले से जुड़े जरूरी जानकारी हासिल की।

मुख्यालय से निकलने के बाद डीईजी जे रविंद्र गौड़ की अगुवाई वाली टीम सीधे उभ्भा घटनास्थल पर पहुंची। वहां बारीकी से छानबीन करने के बाद ग्रामीणों से 17  जुलाई को घटित घटना के संबंध में पूछताछ की।
विज्ञापन


इसके बाद टीम प्राथमिक विद्यालय परिसर  पहुंची, जहां डीआईजी जे रविंद्र गौड़, एएसपी अमृता मिश्रा, निरीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी, सुशील कुमार उपाध्याय, शशि भूषण मिश्रा, भीम यादव, अवध किशोर आदि ने बारी-बारी से उभ्भा कांड के पीड़ितों और ग्रामीणों से वार्ता कर घटना और उससे जुड़े घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई। रामराज, कैलाश, छोटेलाल, रामपति, बसंतलाल, रामप्यारे आदि ने एसआईटी टीम को 17 जुलाई को हुई घटना, सोसाइटी,  जमीनी विवाद, मुकदमों आदि के बारे में बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

टीम ने घटना और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की नकल ली। करीब एक घंटे तक उभ्भा गांव में जांच पड़ताल करने के बाद एसआईटी टीम घोरावल कोतवाली पहुंची।वहां उभ्भा गांव में कथित सोसायटी की जमीन को लेकर हुए विभिन्न विवादों और उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। मामले से संबंधित विभिन्न पत्रावलियों का गहन निरीक्षण किया।

एसआईटी के डीआईजी जे रविंद्र गौड़ ने बताया कि टीम के सदस्यों के साथ उन्होंने उभ्भा गांव में जाकर पीड़ितों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उनसे वार्ता कर घटना के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। कहा कि घटना घटने के कारणों की छानबीन तो की ही जाएगी, इसमें पुलिस और राजस्वकर्मियों की भी भूमिका जांची जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।

उन्होंने बताया कि 1955 से लेकर 17 जुलाई 2019 तक हुई सभी कार्रवाई  की  टीम जांच करेगी। इसको लेकर मिर्जापुर और सोनभद्र दोनों जिलों में जांच की जाएगी। डीआईजी ने बताया कि तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी। बताते चलें कि टीम मंगलवार को ही जिले में पहुंच गई। जांच पूरी होने तक के लिए चुर्क स्थित गेस्ट हाउस को ही अस्थाई दफ्तर बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed