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जांच रिपोर्ट में खुलासा, एक हजार ट्रकों से वसूली करता था आरएस यादव

Thu, 20 Jul 2017 04:58 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 20 Jul 2017 04:58 PM IST
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RS Yadav was recovering from one thousand trucks
rs yadav - फोटो : अमर उजाला

भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद चंदौली के पूर्व एआरटीओ आरएस यादव से जुड़े अवैध वसूली मामले की जांच विजिलेंस ने पूरी कर ली है। रोजाना औसतन एक हजार ट्रकों से होने वाली लाखों की वसूली के कई हिस्सेदार थे।

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आरएस सिंडिकेट से जुड़े विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा थानों की पुलिस भी हिस्सा बंटाती थी। ऐसे कई अहम तथ्य विजिलेंस की जांच में सामने आए हैं। वसूली के सिंडिकेट को लेकर कई जानकारियां दी गई हैं।
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यह जांच रिपोर्ट गुरुवार को लखनऊ स्थित विजिलेंस मुख्यालय भेज दी जाएगी। विजिलेंस मुख्यालय रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उसे शासन को सौंपेगा। आरएस की काली कमाई के साम्राज्य और अन्य संबंधित मामलों की जांच अभी चलती रहेगी। यादव की संपत्ति की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।
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दरअसल, अवैध वसूली मामले की जांच कर रहे एसपी विजिलेंस वाराणसी को शासन स्तर से गुरुवार तक जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए थे। इस बारे में पहले ही उन्हें सूचना दे दी गई थी। आरएस यादव के खिलाफ चंदौली कोतवाली में भ्रष्टाचार समेत तमाम आरोपों में मुकदमा दर्ज है।

अवैध वसूली की जांच शासन ने विजिलेंस को सौंपी है। ट्रकों से वसूली करते गिरफ्तार किए गए सिपाही समेत दो लोगों से विजिलेंस ने पूछताछ की थी। जेल में आरएस यादव से भी तीन बार पूछताछ की गई।

सूत्रों की मानें तो रोजाना चंदौली से वाराणसी की ओर जाने वाले तकरीबन एक हजार ट्रकों से वसूली होने, प्रति ट्रक पांच से सात हजार रुपये वसूले जाने और इस पूरे खेल में परिवहन विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।


चंदौली पुलिस पर भी सवाल उठाए गए हैं। कई थानों की पुलिस आरएस यादव के कहने पर पकड़े गए वाहनों की अपने परिसर में खड़ा कराती थी और उसके बदले उसे भी मोटी रकम मिलती थी। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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