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वाराणसी में मानवता शर्मसारः छह साल की मूक-बधिर के साथ रेप कर खेत में फेंका
टीम डिजिटल, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 12 May 2017 10:35 AM IST
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रात में ही स्थानीय नागरिकों ने पीट कर पुलिस को सौंपा, दो अलग-अलग केस दर्ज
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वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र स्थित ननिहाल में रह रही छह साल की मूक-बधिर मासूम को अगवा कर एक दरिंदे ने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद बच्ची को मार-पीटकर खेत में फेंक दिया। घटना बुधवार रात करीब दो बजे की है।
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की आईसीयू में भर्ती मासूम की हालत चिंताजनक है। उधर, रात में ही इलाकाई लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक संजय कुमार का मेडिकल मुआयना कराकर उसे जेल भेज दिया।
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वहीं, गुरुवार सुबह आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग लेकर मंडुवाडीह थाने के सामने महिलाओं ने धरना दिया और नारेबाजी की। पुलिस ने आश्वस्त किया कि आरोपी को कठोर सजा दिलाई जाएगी।
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चंदौली जिले के सैयदराजा क्षेत्र निवासी एक युवक नई दिल्ली में निजी कंपनी में काम करता है। बीते पांच माह से उसकी पत्नी अपनी छह साल की मूक-बधिर बेटी, ढाई साल के बेटे और एक साल की बेटी के साथ मंडुवाडीह क्षेत्र स्थित मायके में रहती है।
रोजाना की भांति बुधवार की रात वह अपने बच्चों को लेकर घर के बाहर सोई हुई थी। रात दो बजे के लगभग उसे लगा कि उसकी बड़ी बेटी बगल में नहीं है तो उसने शोर मचाया। इसके बाद उसके पिता सहित घर के सभी लोग मासूम को खोजने में जुट गए।
घर से कुछ दूर जाने पर परिवारीजनों ने देखा कि मासूम खेत में बेहोश पड़ी है और उसी तरफ से आरोपी संजय आ रहा था। संजय की हरकतें संदिग्ध देख लोगों ने उसे पकड़ लिया और मासूम को खेत से उठाया। इसी बीच, पास की ही एक बस्ती के कुछ और लोग भी मौके पर पहुंच गए।
..नहीं तो दूसरी बच्ची भी हो जाती वहशियत की शिकार
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पास की बस्ती से आए लोगों का कहना था कि उनकी बस्ती में एक युवक आया था और एक नौ वर्षीय बच्ची का मुंह दबाकर उसे ले जा रहा था। बच्ची ने शोर मचाया तो वह उसे छोड़कर भाग निकला। पकड़े गए संजय की शिनाख्त जब उस बच्ची से कराई गई तो उसने पहचान लिया।
इस पर गुस्साए लोगों ने संजय को पीटने के बाद सौ नंबर पर सूचना दी और उसे पुलिस को सौंप दिया।
उधर, पुलिस वहशियत की शिकार मासूम को लेकर मंडलीय अस्पताल गई जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे बीएचयू रेफर कर दिया।
एसएसपी नितिन तिवारी भी गुरुवार सुबह बीएचयू अस्पताल पहुंचे। पीड़िता के मां-बाप को ढांढस बंधाने के बाद उन्होंने मंडुवाडीह थानाध्यक्ष को दोनों बच्चियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
मासूम के मां-बाप के पास उपचार के लिए पैसे की कमी देख एसएसपी ने उन्हें इलाज के लिए 50 हजार रुपये दिए। आरोपी संजय मूल रूप से गाजीपुर के जखनिया थाना के हसनपुर का रहने वाला है।
यहां फुलवरिया गेट नंबर चार के समीप रहकर ट्रैक्टर चलाता है। पुलिस ने संजय के खिलाफ दुराचार, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोपों में दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
इस पर गुस्साए लोगों ने संजय को पीटने के बाद सौ नंबर पर सूचना दी और उसे पुलिस को सौंप दिया।
उधर, पुलिस वहशियत की शिकार मासूम को लेकर मंडलीय अस्पताल गई जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे बीएचयू रेफर कर दिया।
एसएसपी नितिन तिवारी भी गुरुवार सुबह बीएचयू अस्पताल पहुंचे। पीड़िता के मां-बाप को ढांढस बंधाने के बाद उन्होंने मंडुवाडीह थानाध्यक्ष को दोनों बच्चियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
मासूम के मां-बाप के पास उपचार के लिए पैसे की कमी देख एसएसपी ने उन्हें इलाज के लिए 50 हजार रुपये दिए। आरोपी संजय मूल रूप से गाजीपुर के जखनिया थाना के हसनपुर का रहने वाला है।
यहां फुलवरिया गेट नंबर चार के समीप रहकर ट्रैक्टर चलाता है। पुलिस ने संजय के खिलाफ दुराचार, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोपों में दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
बीएचयू में पीड़ित बच्ची से मिली रीता बहुगुणा जोशी
बीएचयू में रीता बहुगुणा जोशी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने रात करीब दस बजे बीएचयू पहुंचकर आईसीयू में भर्ती रेप पीड़िता बच्ची से मिलकर इलाज की जानकारी ली। इस दौरान सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय से बातचीत कर इलाज की जानकारी ली।
सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ पहुंची मंत्री ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मेडिकोलीगल रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी न होने, इलाज की मानीटरिंग करते रहने का निर्देश दिया। कहा कि बच्ची के इलाज की पूरी व्यवस्था महिला कल्याण विभाग करेगा। इस दौरान उन्होंने कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी से बातचीत कर बच्ची के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था कराने को कहा। महिला पुलिस की निगरानी में इलाज और सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात भी की।
सीएमओ कराएंगे समुचित इलाज की व्यवस्था
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि मंडुवाडीह क्षेत्र की दुराचार पीड़िता मासूम को रानी लक्ष्मीबाई कोष से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। मासूम के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिया गया है। इसके साथ ही महिला मजिस्ट्रेट को बीएचयू अस्पताल भेजकर पीड़िता का हालचाल उसके परिवारीजनों और डॉक्टरों से लिया गया है।
उधर, अस्पताल पहुंचे एसएसपी नितिन तिवारी ने डॉक्टरों से मासूम की स्थिति की जानकारी ली। इसी बीच एसएसपी को मासूम के मां-बाप ने बताया कि उपचार के लिए रुपये नहीं हैं। इस पर एसएसपी ने अपने बैंक खाते से 50 हजार रुपये तत्काल निकलवाकर मासूम के मां-बाप को दिलाया। आश्वस्त किया कि मासूम के उपचार में किसी भी स्तर पर कमी नहीं आएगी।
सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों के साथ पहुंची मंत्री ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मेडिकोलीगल रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी न होने, इलाज की मानीटरिंग करते रहने का निर्देश दिया। कहा कि बच्ची के इलाज की पूरी व्यवस्था महिला कल्याण विभाग करेगा। इस दौरान उन्होंने कुलपति प्रो.जीसी त्रिपाठी से बातचीत कर बच्ची के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था कराने को कहा। महिला पुलिस की निगरानी में इलाज और सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात भी की।
सीएमओ कराएंगे समुचित इलाज की व्यवस्था
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि मंडुवाडीह क्षेत्र की दुराचार पीड़िता मासूम को रानी लक्ष्मीबाई कोष से आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। मासूम के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिया गया है। इसके साथ ही महिला मजिस्ट्रेट को बीएचयू अस्पताल भेजकर पीड़िता का हालचाल उसके परिवारीजनों और डॉक्टरों से लिया गया है।
उधर, अस्पताल पहुंचे एसएसपी नितिन तिवारी ने डॉक्टरों से मासूम की स्थिति की जानकारी ली। इसी बीच एसएसपी को मासूम के मां-बाप ने बताया कि उपचार के लिए रुपये नहीं हैं। इस पर एसएसपी ने अपने बैंक खाते से 50 हजार रुपये तत्काल निकलवाकर मासूम के मां-बाप को दिलाया। आश्वस्त किया कि मासूम के उपचार में किसी भी स्तर पर कमी नहीं आएगी।