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सारनाथ के पोखरे में उतराया मिला पुजारी का शव, हत्या या आत्महत्या, जांच जारी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 06 Jun 2017 07:32 PM IST
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सारनाथ के अति प्राचीन श्री संकट हरण हनुमान मंदिर से जुड़ा मामला
- फोटो : अमर उजाला
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सारनाथ के बेनीपुर (अकथा) स्थित पौराणिक आंजनेय सिद्धपीठ श्री संकट हरण हनुमान मंदिर के पुजारी चंदन तिवारी (26) का शव मंगलवार की सुबह परिसर के प्राचीन पोखरे में संदिग्ध हाल में उतराया मिला। गांव की महिलाएं पोखरे की मछलियाें को चारा खिलाने पहुंची तो चंदन का शव उतराया देख शोर मचाई।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया तो मुंह-नाक से खून बन रहा था और ललाट पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इलाके के कुछ लोगों का कहना था कि चंदन जैसा जिंदादिल और अच्छी शोहरत वाला शख्स आत्महत्या नहीं कर सकता है।
आशंका है कि उसकी हत्या की गई है।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस ने चंदन का कमरा खंगाला तो वहां उसका मोबाइल मिला। चंदन ने पांच जून को दोपहर बाद अपने दोस्त निशांत को वाइस मैसेज भेजा था।
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चंदन ने कहा था कि ‘मैं पूरे होशोहवास में आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरे कमरे का सामान मेरी बहन को दे दिया जाए।’ इस पर पुलिस ने निशांत से पूछताछ की तो उसने बताया कि चंदन का मैसेज मिलते ही वह अवाक रह गया था। उसने चंदन को कई बार फोन किया लेकिन वह रिसीव नहीं किया।
इस पर उसे वाइस मैसेज भेजा तो जवाब आया कि ‘निशांत तुम अब फोन न करो। अब काफी देर हो चुकी है। मैं अब अपनी जान दे रहा हूं। अपनी बहन को नंबर एक पर मानता हूं और तुम्हें नंबर दो पर मानता हूं। अपनी मां को प्रणाम बोल देना। टाटा, बाय, थैंक्यू...।’
बिहार के रोहतास जिले के अकोढ़ा गांव का मूल निवासी चंदन लगभग छह साल से मंदिर का पुजारी था। वहीं, मंदिर के प्रधान पुजारी और व्यवस्थापक बेनीपुर (अकथा) निवासी त्रिलोकी नाथ तिवारी हैं। चंदन मंदिर परिसर में ही बने कमरे में रहता था। चंदन ने मंदिर समिति को बताया था कि पांच जून को उसे बिहार स्थित रिश्तेदारी में शादी में शामिल होना है।
इसे देखते हुए चंदन की जगह मंदिर समिति की ओर से गाजीपुर के रेवतीपुर के नवल गांव निवासी जोखू मिश्रा को रखा गया था। मगर, चंदन पांच जून की सुबह कमरे से निकला और शाम तक वापस लौट आया। मंगलवार की सुबह आठ बजे उसका शव मंदिर परिसर स्थित प्राचीन पोखरे में उतराया देखा गया।
चंदन के शरीर पर बनियान और अंडर वियर थी। सारनाथ पुलिस के साथ मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड पहुंचा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कैंट एएसपी प्रशांत वर्मा ने कहा कि चंदन के मोबाइल के वाइस मैसेज की जांच कराई जा रही है।
घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चंदन के परिवारीजनों की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया तो मुंह-नाक से खून बन रहा था और ललाट पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इलाके के कुछ लोगों का कहना था कि चंदन जैसा जिंदादिल और अच्छी शोहरत वाला शख्स आत्महत्या नहीं कर सकता है।
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आशंका है कि उसकी हत्या की गई है।
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस ने चंदन का कमरा खंगाला तो वहां उसका मोबाइल मिला। चंदन ने पांच जून को दोपहर बाद अपने दोस्त निशांत को वाइस मैसेज भेजा था।
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चंदन ने कहा था कि ‘मैं पूरे होशोहवास में आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरे कमरे का सामान मेरी बहन को दे दिया जाए।’ इस पर पुलिस ने निशांत से पूछताछ की तो उसने बताया कि चंदन का मैसेज मिलते ही वह अवाक रह गया था। उसने चंदन को कई बार फोन किया लेकिन वह रिसीव नहीं किया।
इस पर उसे वाइस मैसेज भेजा तो जवाब आया कि ‘निशांत तुम अब फोन न करो। अब काफी देर हो चुकी है। मैं अब अपनी जान दे रहा हूं। अपनी बहन को नंबर एक पर मानता हूं और तुम्हें नंबर दो पर मानता हूं। अपनी मां को प्रणाम बोल देना। टाटा, बाय, थैंक्यू...।’
बिहार के रोहतास जिले के अकोढ़ा गांव का मूल निवासी चंदन लगभग छह साल से मंदिर का पुजारी था। वहीं, मंदिर के प्रधान पुजारी और व्यवस्थापक बेनीपुर (अकथा) निवासी त्रिलोकी नाथ तिवारी हैं। चंदन मंदिर परिसर में ही बने कमरे में रहता था। चंदन ने मंदिर समिति को बताया था कि पांच जून को उसे बिहार स्थित रिश्तेदारी में शादी में शामिल होना है।
इसे देखते हुए चंदन की जगह मंदिर समिति की ओर से गाजीपुर के रेवतीपुर के नवल गांव निवासी जोखू मिश्रा को रखा गया था। मगर, चंदन पांच जून की सुबह कमरे से निकला और शाम तक वापस लौट आया। मंगलवार की सुबह आठ बजे उसका शव मंदिर परिसर स्थित प्राचीन पोखरे में उतराया देखा गया।
चंदन के शरीर पर बनियान और अंडर वियर थी। सारनाथ पुलिस के साथ मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड पहुंचा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कैंट एएसपी प्रशांत वर्मा ने कहा कि चंदन के मोबाइल के वाइस मैसेज की जांच कराई जा रही है।
घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चंदन के परिवारीजनों की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो सौ साल से ज्यादा पुराना मंदिर, कमिश्नर हैं संरक्षक
लोगों से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बेनीपुर (अकथा) स्थित श्री संकट हरण हनुमान मंदिर की स्थापना वर्ष 1803 में की गई थी। इस मंदिर के पदेन संरक्षक मंडलायुक्त वाराणसी हैं। बताया जाता है कि चंदन को हनुमान मंदिर में पूजापाठ के लिए अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी ने रखवाया था।
चंदन की पढ़ाई संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हुई थी। इलाकाई लोगों के अनुसार चंदन की ख्याति क्षेत्र में बहुत अच्छी थी। वह बेहद मिलनसार और मृदुभाषी थी। मंदिर परिसर की साफ सफाई के प्रति भी चंदन खासतौर से ध्यान देता था।
अविवाहित चंदन की असामयिक मौत से इलाकाई लोग खासे दुखी दिखे। मंदिर रोजाना आने वाले लोगों का कहना था कि इधर 10-15 दिन से चंदन काफी परेशान दिखाई देता था और पूजापाठ में भी विलंब होता था। मगर, पूछने के बावजूद भी अपनी परेशानी किसी से नहीं बताता था।
चंदन की पढ़ाई संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हुई थी। इलाकाई लोगों के अनुसार चंदन की ख्याति क्षेत्र में बहुत अच्छी थी। वह बेहद मिलनसार और मृदुभाषी थी। मंदिर परिसर की साफ सफाई के प्रति भी चंदन खासतौर से ध्यान देता था।
अविवाहित चंदन की असामयिक मौत से इलाकाई लोग खासे दुखी दिखे। मंदिर रोजाना आने वाले लोगों का कहना था कि इधर 10-15 दिन से चंदन काफी परेशान दिखाई देता था और पूजापाठ में भी विलंब होता था। मगर, पूछने के बावजूद भी अपनी परेशानी किसी से नहीं बताता था।