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वाराणसी में हुए सास-बहू हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 10 Mar 2017 08:18 PM IST
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हत्या के बाद लूटे थे जेवर, एक कबाड़ी और सर्राफ फरार
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले 17 फरवरी को वाराणसी के गिरि नगर कॉलोनी में सास-बहू की बेरहमी से सिर कूच कर की हत्या के राज से पर्दा उठ गया है। इस हत्याकांड में पुलिस को करीबियों पर शक था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बिरदोपुर स्थित गिरि नगर कॉलोनी में सास-बहू की हत्या पैसे के लेनदेन और पुराने सामान लेने के विवाद में तीन कबाड़ियों ने की थी।
पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया हैै, एक फरार है। हत्या के बाद दो लाख के जेवर भी लूटे गए थे। जेवर पांडेयपुर निवासी सर्राफ रवि सेठ को बेचा गया है। रवि भी फरार है। शुक्रवार को एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन में आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
भेलूपुर थाने के गिरि नगर कॉलोनी निवासी अवनीश तिवारी की मां अन्नपूर्णा तिवारी और पत्नी कल्पना की हत्या की जांच भेलूपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच कर रही थी। शुरू में कुछ करीबियों पर शक जताते हुए पूछताछ की गई लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसी दौरान काल डिटेल से पता चला कि चेतगंज के सलीम फाटक निवासी कबाड़ी अख्तर खान ने 17 फरवरी को अन्नपूर्णा तिवारी को फोन किया था।
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पुलिस ने कबाड़ी से संपर्क का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। उसका ठिकाना भी नहीं मिला। सर्विलांस की मदद से अख्तर और उसके दोस्त लक्सा के सूरजकुंड निवासी कबाड़ी वारिस को भेलूपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो गुनाह कबूल लिया।
बताया कि अवनीश तिवारी के घर से कई बार कबाड़ का सामान खरीद चुके थे।
घटना के दिन अख्तर और वारिस के अलावा बिहार के जहानाबाद निवासी कबाड़ी अविनाश पांडेय भी था। अविनाश बाहर खड़ा था। बताया कि अन्नपूर्णा ने 13 हजार रुपये में पुरानी पलंग बेची थी। छह हजार रुपये एडवांस में दिए गए थे।
अन्नपूर्णा ने बाकी के रुपये देने के बाद पलंग ले जाने की बात कही थी। आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन अन्नपूर्णा पूरे पैसे देकर पलंग ले जाने की जिद करने लगी लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। वे बाकी के रुपये बाद में देना चाहते थे। साथ ही कुछ और सामान भी लेना चाहते थे।
कबाड़ियों को पता चला कि अन्य सामान वह दूसरे कबाड़ी को बेच देगी। इसके बाद विवाद शुरू हुआ और अख्तर ने हथौड़े से अन्नपूर्णा के सिर पर वार कर हत्या कर दी। शोर सुनकर पहली मंजिल से जब कल्पना नीचे आई तो अख्तर ने हथौड़े से उसकी भी हत्या कर दी।
आरोपी घर की अलमारी से करीब दो लाख रुपये के जेवर चुरा ले गए। अख्तर पूर्व में अपहरण के मामले में जेल जा चुका है।
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पुलिस ने दो को गिरफ्तार कर लिया हैै, एक फरार है। हत्या के बाद दो लाख के जेवर भी लूटे गए थे। जेवर पांडेयपुर निवासी सर्राफ रवि सेठ को बेचा गया है। रवि भी फरार है। शुक्रवार को एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन में आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।
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भेलूपुर थाने के गिरि नगर कॉलोनी निवासी अवनीश तिवारी की मां अन्नपूर्णा तिवारी और पत्नी कल्पना की हत्या की जांच भेलूपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच कर रही थी। शुरू में कुछ करीबियों पर शक जताते हुए पूछताछ की गई लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसी दौरान काल डिटेल से पता चला कि चेतगंज के सलीम फाटक निवासी कबाड़ी अख्तर खान ने 17 फरवरी को अन्नपूर्णा तिवारी को फोन किया था।
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पुलिस ने कबाड़ी से संपर्क का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। उसका ठिकाना भी नहीं मिला। सर्विलांस की मदद से अख्तर और उसके दोस्त लक्सा के सूरजकुंड निवासी कबाड़ी वारिस को भेलूपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो गुनाह कबूल लिया।
बताया कि अवनीश तिवारी के घर से कई बार कबाड़ का सामान खरीद चुके थे।
घटना के दिन अख्तर और वारिस के अलावा बिहार के जहानाबाद निवासी कबाड़ी अविनाश पांडेय भी था। अविनाश बाहर खड़ा था। बताया कि अन्नपूर्णा ने 13 हजार रुपये में पुरानी पलंग बेची थी। छह हजार रुपये एडवांस में दिए गए थे।
अन्नपूर्णा ने बाकी के रुपये देने के बाद पलंग ले जाने की बात कही थी। आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन अन्नपूर्णा पूरे पैसे देकर पलंग ले जाने की जिद करने लगी लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। वे बाकी के रुपये बाद में देना चाहते थे। साथ ही कुछ और सामान भी लेना चाहते थे।
कबाड़ियों को पता चला कि अन्य सामान वह दूसरे कबाड़ी को बेच देगी। इसके बाद विवाद शुरू हुआ और अख्तर ने हथौड़े से अन्नपूर्णा के सिर पर वार कर हत्या कर दी। शोर सुनकर पहली मंजिल से जब कल्पना नीचे आई तो अख्तर ने हथौड़े से उसकी भी हत्या कर दी।
आरोपी घर की अलमारी से करीब दो लाख रुपये के जेवर चुरा ले गए। अख्तर पूर्व में अपहरण के मामले में जेल जा चुका है।
पहले लूट से इनकार कर रही थी पुलिस, उठे सवाल
हत्या के बाद लूटे थे जेवर, एक कबाड़ी और सर्राफ फरार
- फोटो : अमर उजाला
सास-बहू हत्याकांड में पहले पुलिस लूट से इंकार रही थी, अब वह लूट बता रही है। घटना के वाद अवनीश तिवारी की ओर से कराई गई एफआईआर में भी लूट का जिक्र नहीं है।
पहले पुलिस का कहना था कि कोई अलमारी तोड़ी नहीं गई है लेकिन अब पुलिस का कहना है कि सड़सी से अलमारी का लॉक तोड़कर जेवर निकाले गए थे।
पुलिस जिन करीबियों पर शक कर रही थी, अब उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि पुलिस के मुताबिक परिवार के लोगों ने बताया कि बरामद जेवर उनके घर का ही है। गिरि नगर कॉलोनी निवासी अवनीश तिवारी की कबाड़ी अख्तर खान से पुरानी पहचान थी।
अवनीश के चचेरे साले राहुल के जरिए अख्तर से उसकी पहचान हुई थी। अवनीश की एक दूकान थी, जो टूट गई थी। अवनीश तीन बार में 29 हजार रुपये में दूकान और घर के कुछ पुराने फर्नीचर अख्तर को बेच चुका था।
अवनीश अपना घर भी बेचना चाहता था। इसलिए घर के पुराने सामान धीरे-धीरे कम कर रहा था।