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धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर की हत्या का खुलासा, चार हत्याएं करने वाला शूटर मिर्जापुर से गिरफ्तार

Thu, 04 May 2017 04:52 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 04 May 2017 04:52 PM IST
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police disclose the case of ex dupty mair of dhanbad murder
मिर्जापुर जिला कारागार के सामने से एसटीएफ ने दोनों को दबोचा - फोटो : अमर उजाला
धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर व कांग्रेस नेता नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या करने वाले एक शूटर और उसके साथी को बुधवार को मिर्जापुर जिला कारागार के सामने से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। दोनों की शिनाख्त अंबेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर थाना के जगदीशपुर कादीपुर निवासी अमन सिंह और फैजाबाद के महाराजगंज थाना के ज्ञानपुर निवासी अभिनव सिंह उर्फ बट्टू के तौर पर हुई है।
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दोनों के पास से .32 बोर की दो अवैध पिस्टल, 15 कारतूस, छह मोबाइल, 11 सिम, एक बाइक और पंद्रह सौ रुपया बरामद हुआ है। दोनों को गिरफ्तार कर मिर्जापुर की कटरा कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर झारखंड पुलिस को सूचना दी गई है।
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बता दें कि अमन सिंह सुल्तानपुर के चर्चित करुण मिश्र पत्रकार हत्याकांड का अहम अभियुक्त है जबकि अभिनव फैजाबाद में बैंक की कैश वैन लूटने का आरोपी रहा है।   बीते 21 मार्च को धनबाद में सरायढेला क्षेत्र में पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके चालक घोल्टू महतो, बाडीगार्ड मुन्ना तिवारी और पीए अशोक यादव पर सौ राउंड से अधिक फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी।
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सनसनीखेज तरीके से अंजाम दिए इस हत्याकांड को लेकर नीरज सिंह के चचेरे भाई सूरजदेव सिंह के बेटे विधायक संजीव सिंह, जयनेंद्र सिंह, गया सिंह, महंत पांडेय और सिद्धार्थ गौतम के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो वारदात में संजय सिंह, धनजी सिंह और डब्लू मिश्रा का नाम भी सामने आया मगर शूटरों का पता नहीं लग सका।

गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि पूर्व डिप्टी मेयर की हत्या करने वाले शूटर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इस सूचना पर एसटीएफ ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से शूटरों की खोजबीन शुरू की।

एसटीएफ को पता चला कि पूर्व डिप्टी मेयर की हत्या में शामिल रहे शूटरों में से एक अमन सिंह है। वारदात के बाद अमन की लोकेशन आजमगढ़, अंबेडकरनगर, फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, इलाहाबाद और वाराणसी में मिली। अमन सिंह की निगरानी शुरू की गई तो पता चला कि वह बुधवार को मिर्जापुर जिला कारागार में निरुद्ध बंदी रिंकू सिंह से मिलने आने वाला है।

इस सूचना पर एसटीएफ वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर इंस्पेक्टर शैलेष सिंह व पुनीत परिहार और एसआई अमित श्रीवास्तव व अंगद यादव की टीम ने छापेमारी कर अमन और उसके साथी अभिनव सिंह को गिरफ्तार किया। 

कारोबारी और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बनी थी हत्या का कारण

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गाड़ी में मारी थी गोली - फोटो : amar ujala
पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह और उनके चचेरे भाई विधायक संजीव सिंह में कारोबारी और राजनीतिक प्रतिद्वंदिता थी। इस कारण दोनों का परिवार अलग-अलग रहता था। नीरज सिंह हमेशा संजीव सिंह के मकान के सामने से होते हुए अपने घर जाया करते थे।

बीते 29 जनवरी को नीरज सिंह के घर के पास संजीव सिंह के करीबी और उनका कारोबार देखने वाले रंजे सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नीरज सिंह के करीबियों की भूमिका पाई गई थी। रंजे सिंह की हत्या से संजीव सिंह की साख प्रभावित हुई थी।

नीरज सिंह की हत्या की तफ्तीश में जुटी झारखंड पुलिस को ही जानकारी हाथ लगी थी कि वारदात को अंजाम देने वाले यूपी के शूटर हैं तब जाकर एसटीएफ हरकत में आई।

मुन्ना बजरंगी का गुर्गा है मिर्जापुर जेल का बंदी रिंकू सिंह

धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या करने के लिए अमन सिंह को पंकज सिंह के पास भेजने वाला मिर्जापुर जिला जेल का बंदी रिंकू सिंह पीलीभीत जिला कारागार में बंद मुन्ना बजरंगी का गुर्गा है।

वहीं, पंकज सिंह भी मुन्ना बजरंगी का करीबी है। एसटीएफ के अधिकारियों को पूछताछ में यह जानकारी अमन सिंह ने दी। मामले में जल्द ही झारखंड पुलिस मुन्ना बजरंगी से भी पूछताछ कर सकती है।

वहीं, अमन ने बताया कि उसके रुकने और ठहरने की व्यवस्था उसका रिश्तेदार और साथी अभिनव सिंह करता था। अभिनव के कहने पर ही इलाहाबाद और सिंगरौली में हत्या की दो वारदातों की सुपारी लेने के लिए रिंकू सिंह से मिलने अमन गया था। 

एसटीएफ की पूछताछ में अमन ने बताया कि पूर्व डिप्टी मेयर की हत्या करने के बाद चारों शूटर ने घटनास्थल से ही थोड़ी दूर पर बाइक खड़ी कर दी थी। इसके बाद बस से आसनसोल पहुंचे। वहां पंकज मिला और उसने चारों शूटरों से असलहे वापस ले लिए और बाद में मुलाकात करने को कहा। आसनसोल से सभी ट्रेन से बक्सर पहुंचे और फिर जीप से बलिया गए। इसके बाद चारों अलग-अलग हो गए।

बताया कि पंकज सिंह ने 50 लाख देने की बात कही लेकिन धोखा दे दिया। अमन ने कहा कि वाराणसी निवासी उसका एक दोस्त बृजेश सिंह आजकल अयोध्या में उदासीन अखाड़ा में रहता है। बृजेश ने हाल ही में उसे अपने एक विरोधी की हत्या करवाने के लिए अभिनव के माध्यम से अयोध्या बुलवाया था। वह गया भी लेकिन जिसकी हत्या करनी थी उसके पास लाइसेंसी असलहा होने और अवसर न मिलने के कारण उसे लौटना पड़ा।

बता दें कि गिरफ्त में आए अमन के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में आजमगढ़, अंबेडकर नगर, फैजाबाद और धनबाद में छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अभिनव के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में फैजाबाद में एक मुकदमा दर्ज है।
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