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बनारस में साड़ी की दुकान से बेची जा रही थी हेरोइन और चरस, ऐसे हुआ खुलासा

Wed, 04 Apr 2018 10:45 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 04 Apr 2018 10:45 AM IST
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Police disclose drug trading from cloth shop in varanasi
क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को नगद पुरस्कार देते एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज। - फोटो : अमर उजाला
सिल्क की साड़ी और चादर की दुकान की आड़ में विदेशी पर्यटकों को हेरोईन, चरस और नशीले इंजेक्शन बेचे जाने का सनसनीखेज खुलासा मंगलवार को वाराणसी में हुआ है। मामले में एक साल से फरार 15 हजार के इनामी बिहार के दरभंगा निवासी देवेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है।
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उसके पास से 554 ग्राम हेरोईन, दो किलो दो सौ ग्राम चरस, 60 डिब्बा नशीला इंजेक्शन, 17 हजार रुपये, चार मोबाइल, हेरोईन रखने के रैपर और तौलने के लिए इलेक्ट्रानिक तराजू और एटीएम स्वैप मशीन बरामद हुई है।
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देवेंद्र के आपराधिक इतिहास और उसके करीबियों का पता लगाने के लिए एक टीम बिहार रवाना की गई है। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को मंगलवार की सुबह सूचना मिली थी कि शिवपुर थाने का 15 हजार का इनामी बदमाश शिवपुर रेलवे स्टेशन के आगे तड़वाबीर मंदिर पर मौजूद है। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने शिवपुर इंस्पेक्टर पवन उपाध्याय के साथ घेरेबंदी कर देवेंद्र को गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि चौक क्षेत्र स्थित नीलकंठ गली में काली माता मंदिर में अवैध कब्जा कर वह और उसका भाई सिल्क साड़ी और चादर की दुकान खोल रखे हैं। वर्ष 2013 में लखनऊ से आई नारकोटिक्स विभाग की टीम ने उसे जेल भेजा तो वह छिप कर रहने लगा।

बीते साल शिवपुर में हेरोईन की सप्लाई देने के दौरान उसके दो साथी पकड़े गए लेकिन वह भाग निकला। देवेंद्र ने बताया कि वह नेपाल और बिहार से हेरोईन और चरस लाता था। उसके पास दस एजेंट हैं जो टूरिस्ट गाइड बनकर दिन भर गंगा घाटों पर घूमते हैं और सिगरेट पीने वाले विदेशियों से संपर्क बनाते हैं।

बातचीत होने पर उन्हें अड्डे पर लाकर नशीले पदार्थ देते थे। खुद को नशीले पदार्थों का बड़ा डीलर दिखाने के लिए भुगतान एटीएम स्वैप मशीन से कराया जाता था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज कराकर एजेंटों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विदेशियों से ज्यादा कमाई, इसलिए सिर्फ उन्हें सप्लाई

Police disclose drug trading from cloth shop in varanasi
घटना की जानकारी देते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी क्राइम ब्रांच की पकड़ में आया आरोपी देवेंद्र ने बताया कि उसने हमेशा सिर्फ विदेशियों को ही नशीला पदार्थ बेचा। इसका एक फायदा यह था कि उसका अवैध धंधा चर्चा में नहीं आया। कुछ पुलिसकर्मी जानते थे तो उन्हें हर माह रुपये थमा देता था।

दूसरा फायदा यह था कि हेरोइन या चरस की जितनी मात्रा सौ रुपये में बिकती है विदेशियों को उतनी दो सौ से ढाई सौ रुपये में दी जाती है। बताया कि मादक पदार्थों के धंधे से वह वर्ष 2008 से जुड़ा है।

चरस लाकर उसे और नशीला बनाने के लिए उसमें केमिकल भी मिलाया जाता था। विदेशी पर्र्यटक केटामाईन इंजेक्शन की भी खासी मांग करते हैं।

खुलासा करने वाली टीम को बरामदगी का दस प्रतिशत

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up police - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी, एसआई राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल तेज प्रताप यादव, सुमंत सिंह, रामभवन यादव, पुनदेव सिंह, सुरेंद्र मौर्य, चंद्रसेन सिंह, कुलदीप सिंह और इंस्पेक्टर शिवपुर पवन उपाध्याय व उनकी टीम शामिल रही।

एसएसपी ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ की कीमत एक करोड़ 50 लाख रुपये है। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत खुलासा करने वाली टीम को कीमत की दस प्रतिशत रकम दिलाई जाएगी।  
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